समाजवादी पार्टी की 34वीं वर्षगांठ पर एक तरफ भाजपा युवा मोर्चा ने अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया. वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा के 34 साल का हिसाब किताब पेश किया. उन्होंने इस हिसाब किताब को सपा के पाप का घड़ा बताते हुए जोरदार हमला किया. साल 1994 से लेकर अब तक के कारनामों की सूची दिखाते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि पाप का घड़ा अब फूट रहा है.

इसमें उन्होंने खासतौर पर 1994 के रामपुर तिराहा कांड और 1995 के गेस्ट हाउस कांड का ज़िक्र किया है. इसी के साथ 32 अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये महज घटनाएं नहीं, बल्कि सपा का चरित्र है. सपा की वर्षगांठ के मौके पर पंकज चौधरी ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान मंच पर एक घड़ा भी रखा गया था, जिसपर लिखा था सपा के पाप का घड़ा. फिर पंकज चौधरी ने इसे फोड़कर भी दिखाया.
आंदोलनकारियों पर फायरिंग का आरोप
उन्होंने सपा के कारनामों की लिस्ट पेश करते हुए 1994 के रामपुर तिराहा कांड अभी तक प्रदेश के लोग भूल नहीं पाए हैं. इसमें आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाईं गई थीं. फिर 1995 का लखनऊ गेस्ट हाउस कांड में मायावती और बसपा नेताओं पर हमले की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे में 60 से अधिक लोगों की मौतें हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए.
इन घटनाओं का भी जिक्र
पंकज चौधरी ने 2014 सहारनपुर दंगा, 2015 में पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड, 2013 में IAS अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन, 2016 जवाहर बाग कांड को भी प्रमुखता से उठाया. इसी प्रकार बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप कांड और आजम खान के बयान को लेकर भी सपा पर निशाना साधा. इसी क्रम में 2014 के बदायूं कांड, सपा में परिवारवाद, 2016 के पारिवारिक सत्ता संघर्ष को लेकर भी उन्होंने अखिलेश यादव को घेरने की कोशिश की.
इन घटनाओं को बताया सपा का काल दाग
उन्होंने गोमती रिवरफ्रंट परियोजना, यादव सिंह केस, मुफ्त लैपटॉप योजना, बेरोजगारी भत्ते के प्रचार पर खर्च को सपा के माथे का काला दाग बताया. इसी क्रम में उन्होंने गन्ना किसानों के मुद्दे पर भी सपा को घेरते हुए JPNIC परियोजना में भ्रष्टाचार, कैराना पलायन, UPPSC अध्यक्ष की नियुक्ति, यश भारती पुरस्कारों में भाईभतीजावाद, 72,825 शिक्षक भर्ती और UPPCS पेपर लीक पर भी जोरदार हमला बोला.