
Near Death Experience: क्या कोई इंसान एक ही दिन में तीन बार मरकर दोबारा जिंदा हो सकता है? पहली बार सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी या कोई अंधविश्वास लग सकता है, लेकिन ब्रिटेन के लीड्स में रहने वाले एक डाकिया के साथ यह हकीकत में हुआ है. कार्ल लॉकवुड नाम के इस शख्स का दिल काम के दौरान एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे तीन बार धड़कना बंद हुआ था. अगर सही समय पर उनके एक सहकर्मी ने उन्हें न देखा होता, तो आज कार्ल हमारे बीच न होते. यह कहानी न सिर्फ मौत को मात देने की है, बल्कि यह हम सभी को अपनी सेहत, खासकर अपने दिल की सेहत को लेकर एक बहुत बड़ी चेतावनी भी देती है.
फिटनेस के बावजूद आया अचानक अटैक
मिरर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्ल लॉकवुड पेशे से रॉयल मेल में एक डाकिया हैं. वह बेहद फिट इंसान थे, जो दिनभर पैदल चलने के साथ-साथ अल्ट्रा रनिंग और पहाड़ों पर लंबी ट्रेकिंग भी किया करते थे. साल 2019 में जब उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, तो हर कोई हैरान रह गया. हालांकि कार्ल को पहले से ‘एट्रियल फिब्रिलेशन’ नाम की दिल की बीमारी थी, जिसके लिए वह दवाएं लेते थे और उन्हें स्टेंट भी लगा था, लेकिन उनका इस तरह अचानक गिर जाना बेहद अप्रत्याशित था.
कलीग बना फरिश्ता और बची जान
हादसे के दिन कार्ल हमेशा की तरह अपने काम पर थे, तभी अचानक वे बेहोश होकर गिर पड़े. किस्मत से उनके एक सहकर्मी की नजर उन पर पड़ गई. उसने तुरंत इमरजेंसी सर्विसेज को फोन किया और जब तक मदद नहीं आई, तब तक कार्ल की सांसें चालू रखने के लिए जरूरी प्रयास करता रहा. अस्पताल ले जाते समय और इलाज के दौरान कार्ल का दिल तीन बार पूरी तरह रुक गया था. डॉक्टरों ने हर बार उन्हें पुनर्जीवित किया और आखिरकार वे मौत के मुंह से बाहर आ गए.
काम पर वापसी और जिंदगी का नया नजरिया
कार्ल अब पूरी तरह ठीक हैं और दोबारा काम पर लौट चुके हैं. हालांकि, अब वे पहले की तरह पैदल चलने के बजाय पार्सल डिलीवरी के लिए वैन चलाते हैं. कार्ल कहते हैं कि वह अपनी जिंदगी के इस नए वर्जन को पूरी तरह गले लगा रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि स्थिति इससे कहीं ज्यादा खराब हो सकती थी. वे अपने उस दोस्त के हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे जिसने सही समय पर उनकी मदद की.
दफ्तरों में शुरू हुआ खास ‘हार्ट हेल्थ प्रोग्राम’
कार्ल की इस कहानी के बाद ब्रिटेन में ‘फार्मेसी2यू’ द्वारा एक हेल्दी हार्ट प्रोग्राम शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य वर्कप्लेस यानी दफ्तरों में ही लोगों के दिल की सेहत की जांच करना है. इस अभियान के तहत करीब 1 लाख कर्मचारियों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कार्डियोवैस्कुलर (हृदय संबंधी) बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके. रॉयल मेल इस प्रोग्राम से जुड़ने वाली पहली कंपनियों में से एक है.
10 मिनट में घर या डेस्क पर ही टेस्ट
इस प्रोग्राम के जरिए कर्मचारियों को डिजिटल कोलेस्ट्रॉल चेक किट दी जा रही है, जिससे वे घर पर, अपनी डेस्क पर या कहीं भी सफर के दौरान मात्र 10 मिनट में खुद ही टेस्ट कर सकते हैं. अक्सर व्यस्त लाइफस्टाइल के कारण लोग हेल्थ चेकअप को टाल देते हैं. कार्ल इस पहल से बेहद खुश हैं और उनका मानना है कि यह चेकअप हर किसी के लिए वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि दिल की बीमारी किसी को भी और कभी भी हो सकती है.





