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हॉर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरेगा सबसे बड़ा जहाज, दुनिया पर होगा इसका सीधा असर

दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर कैरियर कंपनी एक नई सर्विस शुरू करने की योजना बना रही है, जो यूरोप को मिडिल ईस्ट के अलग-थलग पड़े बंदरगाहों से जोड़ेगी. इसमें होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने के बजाय, सऊदी अरब के रास्ते ट्रकों का इस्तेमाल किया जाएगा और फारसी खाड़ी में छोटे जहाजों का उपयोग होगा. MSC Mediterranean Shipping Co. SA ने शनिवार को जारी एक एडवाइजरी में बताया कि पहली यात्रा 10 मई को एंटवर्प से शुरू होगी. यह एक ऐसा लूप होगा जिसमें जर्मनी, इटली, लिथुआनिया और स्पेन में भी पड़ाव शामिल होंगे. जहाज स्वेज नहर पार करके लाल सागर में प्रवेश करेंगे और सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर स्थित दो बंदरगाहों — जेद्दा और किंग अब्दुल्ला – का दौरा करेंगे.

हॉर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरेगा सबसे बड़ा जहाज, दुनिया पर होगा इसका सीधा असर
हॉर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरेगा सबसे बड़ा जहाज, दुनिया पर होगा इसका सीधा असर

कैसे काम करेगा ट्रकों का नेटव​र्क

वहां से, यह नेटवर्क ट्रकों का इस्तेमाल करके प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर स्थित दम्माम तक पहुंचेगा. दम्माम में फीडर जहाज समुद्री प्रवेश द्वारों से जुड़ेंगे, जिनमें अबू धाबी और दुबई के जेबेल अली बंदरगाह शामिल हैं. इन दोनों जगहों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र हैं, जहां सैकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियां काम करती हैं. ये कंपनियां कंटेनर में आने वाले माल पर निर्भर रहती हैं, जो पहले होर्मुज स्ट्रेट से होकर बिना किसी रोक-टोक के आता-जाता था. 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद से, इस स्ट्रेट से होने वाला यातायात काफी हद तक बाधित हो गया है. ऐसे भी कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं कि यह जल्द ही फिर से खुल पाएगा. इस लंबे समय से चली आ रही बंदी के कारण शिपिंग कंपनियों को ज़मीन के रास्ते वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ रहे हैं. इन मार्गों से माल पहुंचाने में ज्यादा समय लगता है, लागत भी ज्यादा आती है और कार्बन उत्सर्जन भी अधिक होता है.

जमीमी ट्रांसपोर्ट रूट्स तैयार

स्ट्रेट के ठीक बाहर स्थित बंदरगाहों – जैसे कि ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाहों – पर भी माल से भरे कंटेनरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. इन कंटेनरों को आगे पहुंचाने के लिए ट्रकों की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है. हैम्बर्ग स्थित कंपनी Hapag-Lloyd AG ने मार्च में बताया कि उसने सऊदी अरब और ओमान के रास्ते जमीनी ट्रांसपोर्ट रूट स्थापित कर लिए हैं. कोपेनहेगन स्थित कंपनी A.P. Moller-Maersk A/S ने भी इस पूरे क्षेत्र में माल की ढुलाई के लिए बहु-माध्यम वाले “लैंडब्रिज” (जमीनी पुल) समाधानों की घोषणा की है. अपनी एडवाइजरी में, जिनेवा स्थित MSC ने कहा कि यह नई सेवा “मिडिल ईस्ट में बनी चुनौतीपूर्ण स्थिति” के बीच बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए शुरू की गई है. जेद्दा से दम्माम तक का सफर – जो राजधानी रियाद से होकर गुजरता है – लगभग 800 मील (1,300 किलोमीटर) लंबा है. MSC के फीडर जहाज बहरीन, इराक और कुवैत तक भी पहुंचेंगे.

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