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‘हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा’, ‘गैंगस्टर’ देखने के बाद कंगना की मां ने कही थी ये बात, अभिनेत्री बोलीं- उन्हें मेरे अभिनय से ज्यादा…

‘हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा’, ‘गैंगस्टर’ देखने के बाद कंगना की मां ने कही थी ये बात, अभिनेत्री बोलीं- उन्हें मेरे अभिनय से ज्यादा…

जब कंगना रनौत ने फिल्म ‘गैंगस्टर’ से बॉलीवुड में कदम रखा, तो उन्हें एक नई और दमदार प्रतिभा के रूप में देखा गया। इसके बाद ‘लाइफ इन अ… मेट्रो’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली। ‘फैशन’ में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने खुद को इंडस्ट्री की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया। फिर ‘क्वीन’ के साथ कंगना ने ऐसा कमाल किया कि उनकी पहचान सिर्फ एक अच्छी अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली कलाकारों में होने लगी।

‘हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा’, ‘गैंगस्टर’ देखने के बाद कंगना की मां ने कही थी ये बात, अभिनेत्री बोलीं- उन्हें मेरे अभिनय से ज्यादा…
‘हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा’, ‘गैंगस्टर’ देखने के बाद कंगना की मां ने कही थी ये बात, अभिनेत्री बोलीं- उन्हें मेरे अभिनय से ज्यादा…

‘क्वीन’ की सफलता के बाद कंगना रनौत ने ज्यादातर ऐसी फिल्मों को ही चुना, जिनमें कहानी का केंद्र महिला किरदार हो। वह ऐसे रोल करना चाहती थीं जिनमें उनके किरदार की अपनी पहचान, सोच और मजबूत मौजूदगी हो। इन फिल्मों में कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और आलोचकों की भी तारीफ पाई, जबकि कई फिल्में दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकीं।

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ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता रहा कि कंगना बार-बार अलग और जोखिम भरे विषयों वाली फिल्मों को क्यों चुनती हैं। अब अभिनेत्री और राजनेता कंगना ने खुद इस सवाल का जवाब दिया है और अपनी पसंद के पीछे की वजह बताई है।

क्या बोलीं कंगना रनौत

अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन के दौरान पेन मूवीज को दिए एक इंटरव्यू में कंगना रनौत ने सह-कलाकार गिरिजा ओक और स्मिता तांबे के साथ पुरस्कारों और पहचान की अहमियत पर बात की। कंगना ने कहा, “अवॉर्ड्स मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं, क्योंकि मैं जिस माहौल से आती हूं, वह काफी अलग था। मेरा जन्म एक छोटे से गांव में हुआ और मेरी परवरिश ऐसे परिवार में हुई, जहां फिल्मों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था।”

अभिनेत्री ने आगे कहा, “मेरे माता-पिता तो फिल्मी खबरों वाले अखबार तक फेंक दिया करते थे। हमारा परिवार शिक्षा और राजनीति से जुड़ा रहा है। मेरे दादा खादी बोर्ड के साथ काम करते थे और परदादा विधायक थे। ऐसे माहौल में फिल्मों को ज्यादा सम्मान नहीं दिया जाता था।”

अभिनेत्री ने बताया कि 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों में फिल्म इंडस्ट्री की छवि अक्सर नकारात्मक होती थी, जिससे उनके परिवार के लिए उनके करियर के चुनाव को स्वीकार करना और भी मुश्किल हो गया था। कंगना ने कहा, “उस समय फिल्म इंडस्ट्री को बहुत इज्जतदार नहीं माना जाता था। मेरे माता-पिता फिल्मों को अंडरवर्ल्ड से जोड़ने वाली सारी नकारात्मक खबरें देखते-पढ़ते थे।

सफल होने के बाद भी, एक बार मैंने अपनी मां से मेरे साथ आकर रहने को कहा, क्योंकि मुझे अकेलापन महसूस हो रहा था। उन्होंने बस इतना कहा कि तुमने यह जिंदगी खुद चुनी है, अब इसे खुद ही संभालो। वह फिल्मों में आने के मेरे फैसले से कभी सहज नहीं रहे।”

‘गैंगस्टर’ देखने के बाद कंगना की मां ने कही ये बात

कंगना रनौत ने आगे याद करते हुए बताया कि ‘गैंगस्टर’ फिल्म देखने के बाद उनके माता-पिता के रिएक्शन से उन्हें काफी दुख हुआ था। अभिनेत्री ने कहा, “मूवी देखने के बाद मेरे पिता का कोई रिएक्शन नहीं था। मेरी मां का जवाब था कि हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। तुम अभी कम उम्र की हो और तुमने हर तरह के सीन किए हैं। मेरा दिल टूट गया था। फिल्म में इतनी सारी चीजें थीं, लेकिन उन्होंने सिर्फ यही बात नोटिस की। उन्हें मेरे अभिनय से ज्यादा समाज की चिंता थी।”

एक्ट्रेस ने आगे कहा, “मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं अपने माता-पिता की राय को कभी गंभीरता से नहीं लूंगी। लेकिन जब मिस्टर बच्चन ने मुझे एक प्यारा सा खत लिखकर ‘क्वीन’ और दूसरी फ़िल्मों में मेरी एक्टिंग की तारीफ की, तो मुझे एक बात समझ आई। मेरे पिता कभी भी मेरे काम को अमिताभ बच्चन जैसे किसी बड़े कलाकार की नजर से नहीं देख पाएंगे, क्योंकि सिनेमा उनकी दुनिया ही नहीं थी। मैं इस बात के लिए उन्हें दोष नहीं दे सकती थी।”

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