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सुवेंदु ने 48 घंटे में पलट डाले ममता के सारे बड़े फैसले, बंगाल में लागू हुआ PM मोदी का गेम चेंजर प्लान!

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं. ममता बनर्जी के 15 साल पुराने किले को ढहाने के बाद बीजेपी सरकार ने महज 48 घंटों के भीतर ऐसे फरमान जारी किए हैं, जिन्होंने राज्य की सियासत का रुख बदल दिया है. सोमवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में सुवेंदु सरकार ने उन फाइलों से धूल हटाई जिन्हें टीएमसी सरकार ने सालों से दबा रखा था. आयुष्मान भारत से लेकर सीमा सुरक्षा तक, सरकार ने साफ कर दिया है कि बंगाल में अब दीदी की नहीं, बल्कि डबल इंजन की नीतियां चलेंगी.

सुवेंदु ने 48 घंटे में पलट डाले ममता के सारे बड़े फैसले, बंगाल में लागू हुआ PM मोदी का गेम चेंजर प्लान!
सुवेंदु ने 48 घंटे में पलट डाले ममता के सारे बड़े फैसले, बंगाल में लागू हुआ PM मोदी का गेम चेंजर प्लान!

गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में एक बार कहा था क‍ि ममता बनर्जी बांग्‍लादेश बॉर्डर पर फेंस‍िंग के ल‍िए जमीन नहीं देतीं, इसल‍िए फेंस‍िंग नहीं हो पा रही है. हम आए तो तुरंत ये काम करेंगे. और आते ही इस पर ऐलान भी हो गया. ठीक इसी तरह केंद्र सरकार की जो योजनाएं बंगाल में रोक दी गई थीं, उन्‍हें तुरंत लागू करने का फैसला सुवेंदु सरकार ने अपनी पहली कैब‍िनेट मीटिंग में ही ले ल‍िया है. ममता सरकार के कई बड़े फैसले पलट द‍िए गए हैं.

जान‍िए सुवेंदु सरकार की पहली कैबिनेट के फैसले
आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं की बहाली: शुभेंदु सरकार ने बंगाल में ‘आयुष्मान भारत’ समेत पीएम फसल बीमा, उज्ज्वला 3.0 और पीएम विश्वकर्मा जैसी सभी रुकी हुई केंद्रीय योजनाओं को तुरंत लागू करने का फैसला किया है. इससे बंगाल के करोड़ों गरीबों को सीधे 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज और किसानों को फसल सुरक्षा का लाभ मिलेगा. ममता शासन में केंद्र बनाम राज्य की लड़ाई के कारण जनता इन फायदों से महरूम थी, जो अब सीधे उनके घर तक पहुंचेंगे.

भारतीय न्याय संहिता पूरी तरह लागू: सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार जानबूझकर नए कानूनों (BNS) को लागू करने में देरी कर रही थी. अब राज्य में आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता पूरी तरह लागू होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि न्याय प्रक्रिया में आधुनिकता आएगी और डिजिटल साक्ष्यों की मान्यता बढ़ने से अपराधियों को सजा दिलाना आसान और तेज हो जाएगा.

भारत-बांग्लादेश सीमा पर होगी फेंस‍िंग: कैबिनेट ने चीफ सेक्रेटरी को आदेश दिया है कि अगले 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने (फेंसिंग) के लिए जरूरी जमीन केंद्र को ट्रांसफर की जाए. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह मील का पत्थर साबित होगा. इससे घुसपैठ और तस्करी पर लगाम लगेगी, जिससे सीमावर्ती जिलों में रहने वाले भारतीय नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित होगा.

शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी: बीजेपी के उन 321 कार्यकर्ताओं के परिवारों की पूरी जिम्मेदारी अब राज्य सरकार उठाएगी, जिन्होंने राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवाई. यह फैसला लोकतंत्र में विश्वास बहाली की दिशा में बड़ा कदम है. इससे उन पीड़ित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक संबल मिलेगा जो सालों से न्याय और मदद की आस में थे.

ममता के ‘मोहरों’ की विदाई : सरकार ने राज्य के बोर्डों और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों और 60 वर्ष के बाद एक्सटेंशन पर काम कर रहे अधिकारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी हैं. इसका फायदा यह होगा कि प्रशासन में ‘भाई-भतीजावाद’ खत्म होगा और योग्य व युवा अधिकारियों को काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी.

प्रशासनिक फेरबदल और आईएएस ट्रेनिंग: चुनाव के दौरान चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर रहे मनोज अग्रवाल को नया मुख्य सचिव बनाया गया है. साथ ही, अब बंगाल के आईएएस अधिकारी भी अन्य राज्यों की तरह केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा ले सकेंगे. इससे राज्य के प्रशासनिक ढांचे में पेशेवर निखार आएगा और अफसरशाही में केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा.

महिलाओं के लिए ‘फ्री बस सेवा’: बीजेपी के चुनावी वादे को पूरा करते हुए 1 जून से बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की शुरुआत की जा रही है. यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा आर्थिक सुधार है. इससे कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के आने-जाने का खर्च बचेगा, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी और सार्वजनिक परिवहन में उनकी भागीदारी अधिक सुरक्षित और सुलभ होगी.

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सरकारी नौकरियों की आयु सीमा में 5 साल की छूट: युवाओं के लिए बड़ा एलान करते हुए भर्ती परीक्षाओं की ऊपरी आयु सीमा में 5 साल की छूट दी गई है. अब जनरल कैटेगरी के युवा 45 साल तक और आरक्षित वर्ग के लोग 48 साल तक आवेदन कर सकेंगे. यह उन हजारों युवाओं के लिए वरदान है जो पिछली सरकार की सुस्त भर्ती प्रक्रियाओं के कारण ओवर-एज हो गए थे. इससे राज्य में बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी.
रुकी हुई जनगणना की तत्काल शुरुआत: केंद्र के 2025 के निर्देशों के बावजूद रुकी पड़ी जनगणना प्रक्रिया को शुभेंदु सरकार ने तुरंत शुरू करने का आदेश दिया है. सटीक जनसंख्या आंकड़े होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाएं बेहतर तरीके से डिजाइन कर सकेगी और संसाधनों का वितरण अधिक पारदर्शी तरीके से हो पाएगा.

योजनाओं का शुद्धिकरण: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कोई योजना बंद नहीं होगी, लेकिन फर्जी लाभार्थियों, मृतकों और गैर-भारतीयों (घुसपैठियों) को लिस्ट से बाहर किया जाएगा. इसका सीधा फायदा यह होगा कि जनता के टैक्स का पैसा केवल असली हकदारों तक पहुँचेगा और भ्रष्टाचार के जरिए होने वाली धन की बर्बादी रुकेगी.

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