भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल Duronto Express अपनी तेज रफ्तार और सीमित स्टॉपेज के लिए जानी जाती है। आमतौर पर ये ट्रेनें लंबी दूरी तय करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी कैटेगरी में एक ऐसी भी ट्रेन है जो बेहद कम दूरी तय करती है? इस खास दुरंतो एक्सप्रेस का सफर न सिर्फ छोटा है, बल्कि इसका समय और किराया भी यात्रियों के लिए दिलचस्प बनाता है। आखिर कौन सी है यह सबसे छोटी दूरी वाली दुरंतो ट्रेन, कितना समय लेती है और इसमें सफर का किराया कितना है, आइए जानते हैं।

सबसे छोटी दूरी वाली दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन
आपको बता दें, भारत में सबसे कम दूरी तय करने वाली दुरंतो एक्प्रेस ट्रेन सियालदह और पुरी के बीच में चलती है। दोनों शहरों के बीच यह ट्रेन कुल 522 किलोमीटर की दूरी तय करती है। ट्रेन नंबर 22201/22202 दुरंतो एक्प्रेस ट्रेन को इन दोनों शहरों के बीच सफर करने में कुल 8 घंटे 10 मिनट लगते हैं। इस ट्रेन में सेकेंड क्लास, स्लीपर क्लास, एसी3, एसी2 और एसी फर्स्ट क्लास के कोच लगे होते हैं। यानी आप अपनी चॉइस के मुताबिक, कोच का चुनाव कर सकते हैं। irctc के मुताबिक, इस ट्रेन से सफर के लिए दोनों शहरों के बीच सेकेंड क्लास में ₹355, स्लीपर क्लास में ₹655, एसी3 में ₹1620, एसी2 में ₹2175 और एसी फर्स्ट क्लास में ₹2650 रुपये किराया देने होते हैं।
ट्रेन की टाइमिंग और सफर में लगने वाला समय
- दुरंतो एक्सप्रेस (22201) का शेड्यूल
- प्रस्थान: सियालदाह से रात 20:00 बजे
- आगमन: पुरी सुबह 04:10 बजे
- कुल यात्रा समय: करीब 8 घंटे 10 मिनट
दुरंतो एक्सप्रेस (22202) का शेड्यूल
- प्रस्थान: पुरी से शाम 19:25 बजे
- आगमन: सियालदह सुबह 04:15 बजे
- कुल यात्रा समय: करीब 8 घंटे 50 मिनट
सियालदह और पुरी के बीच इस ट्रेन का स्टॉपेज सिर्फ खड़गपुर और भुवनेश्वर में है। सियालदह से यह दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती है, जबकि पुरी से सियालदह के लिए यह ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलती है।
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ममता बनर्जी ने की थी शुरुआत
सियालदह-पुरी दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन, भारतीय रेल द्वारा संचालित एक प्रमुख सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन है, जिसे 2009 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य मेट्रो शहरों को तेज गति से जोड़ना था। यह ट्रेन पूर्वी रेलवे जोन द्वारा चलाई जाती है। बता दें, शुरुआत में इस दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन में कोई कॉमर्शियल स्टॉपेज नहीं था। बाद में साल 2016 से इसे भुवनेश्वर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकने वाली एक कॉमर्शियल ट्रेन बना दिया गया।





