केंद्र सरकार के सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल सफदरजंग हॉस्पिटल में मरीजों के हितों के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं. मरीजों को कैसे बेहतर सुविधाएं मिले इसके लिए अस्पताल प्रशासन कई तरह के प्रयास कर रहा है. इसी क्रम में अस्पताल परिसर में ग्रीन हेल्थकेयर को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की गई है. सीएसआईआर के तहत अस्पताल में ई- एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है. जिसका इस्तेमाल अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों की आवाजाही के लिए किया जाएगा.

यह पहल ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विजन के अनुरूप मानी जा रही है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलेगी. इस ई- एंबुलेंस सेवा की शुरुआत अस्पताल की डायरेक्टर डॉ कविता शर्मा ने की है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं. ऐसे में मरीज सहायता सेवाओं को मजबूत करने वाली पहल हमेशा महत्वपूर्ण होती हैं. सीएसआईआर के तहत मिली ये एंबुलेंस अस्पताल परिसर में मरीजों की आवाजाही को आसान और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद करेगी. मरीजों के हित में यह सेवा शुरू की गई है.
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इन मरीजों को होगा फायदा
डॉ कविता शर्मा ने कहा कि यह ई- एंबुलेंस खासतौर पर उन मरीजों के लिए मददगार साबित होगी जिन्हें अस्पताल परिसर में एक विभाग से दूसरे विभाग तक पहुंचने में कठिनाई होती है. इससे बुजुर्गों, गंभीर मरीजों और चलने-फिरने में दिक्कत वाले लोगों को राहत मिलेगी. इस एंबुलेंस में स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलिंडर समेत अन्य सभी जरूरत वाली चीजें होगीं. अस्पताल परिसर में यह सेवा निशुल्क होगी. अगर ये अच्छे से काम करती है तो आने वाले दिनों में इसकी संख्या को बढ़ाने की कोशिश भी की जाएगी.
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
यह ई – एंबुलेंस पैट्रोल या डिजल से नहीं चलेगी. आने वाले समय में ऐसी ग्रीन हेल्थकेयर पहलें अस्पतालों में मरीज सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं.
सफदरजंग अस्पताल देश का सबसे बड़ी केंद्र के अधीन आने वाला सरकारी अस्पताल है. यहां हर दिन हजारों मरीज ओपीडी से लेकर अन्य अन्य विभागों में आते हैं. इस अस्पताल में देशभर से रेफर मरीज भी आते हैं. यहां देश का सबसे बड़ा बर्न विभाग भी है.





