Shravasti News: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती से बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां जमीन के विवाद को सुलझाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान एक कमलेश नाम के शख्स की संदिग्ध हालात में जान चली गई. पुलिस का दावा है कि थाने ले जाते वक्त शख्स चलती सरकारी गाड़ी का गेट खोलकर नीचे कूद गया, लेकिन परिजनों ने खाकी पर बेहद खौफनाक आरोप मढ़ दिए हैं.

परिजनों का आरोप है कि कमलेश को खुद पुलिस ने चलती गाड़ी से धक्का देकर बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी तड़पतड़पकर मौत हो गई. ये घटना श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव की है. इकौना एसडीएम के तहसील दिवस आदेश के बाद नायब तहसीलदार आयुष और गिलौला पुलिस भारी अमले के साथ यहां एक जमीन के मामले को लेकर शांति व्यवस्था बनाने पहुंची थी.
सरकारी काम में रुकावट डाल रहे थे कुछ लोग
प्रशासन का कहना है कि मौके पर राजस्व टीम की कार्रवाई का विरोध कर कुछ लोग सरकारी काम में रुकावट डाल रहे थे. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और 5 महिलाओं समेत कमलेश नाम के शख्स को हिरासत में ले लिया. सभी को गाड़ी में भरकर थाने ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में कमलेश ने चलती गाड़ी से छलांग लगा दी.
पुलिस इस पूरे मामले को हादसा करार दे रही है. पुलिस का कहना है कि कमलेश ने खुद चलती गाड़ी से छलांग लगाई थी, जिसके बाद उसे पहले नजदीकी सीएचसी और फिर भिनगा के संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं मृतक की बहू ने बताया कि पुलिस विपक्षियों से मिलकर हमारी जमीन कब्जा कर रही थी, जबकि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है.
श्रावस्ती के अपर पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?
बहू ने बताया कि जब हमने कब्जा रोकने की कोशिश की, तो पुलिस सबको थाने ले जाने लगी. इसी दौरान पुलिस ने मेरे ससुर कमलेश को गाड़ी से धक्का देकर नीचे फेंक दिया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई. इस पूरे मामले पर श्रावस्ती के अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह ने बताया कि तहसील दिवस संबंधी आदेश के क्रम में नायब तहसीलदार और पुलिस टीम सिसवारा गांव में शांति व्यवस्था ड्यूटी पर गई थी.
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, मौके पर सरकारी कार्य में बाधा डालने पर 5 महिलाओं और 1 पुरुष को सरकारी वाहन से थाने भेजा जा रहा था. गाड़ी चलने के बाद कमलेश नामक व्यक्ति ने गेट खोलकर चलती गाड़ी से कूदने का प्रयास किया, जिससे उन्हें चोटें आईं. घायल को तत्काल सीएचसी से संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. वर्तमान में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है.
सिसवारा गांव में तनाव का माहौल
एक तरफ खाकी की अपनी दलील है कि शख्स ने खुद छलांग लगाई, तो दूसरी तरफ पीड़ित परिवार का चीखचीखकर यह कहना कि उसे गाड़ी से फेंका गया है. कमलेश की मौत के बाद सिसवारा गांव में तनाव का माहौल है. एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है,
लेकिन सवाल जस का तस है कि अगर युवक हिरासत में था, तो सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? अगर परिजनों के आरोपों में जरा भी सच्चाई है, तो इस मौत का जिम्मेदार कौन है?
अम्मार रिजवी की रिपोर्ट