शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
जेसन संजय की फिल्म की धीमी ओपनिंग​ | Mobile Network Problem: फोन में अचानक चला गया नेटवर्क? तुरंत करें ये काम, वरना साइबर फ्रॉड का हो सकते हैं शिकार​ | क्या स्ट्रेस की वजह से निकलते हैं एक्ने-पिंपल? एक्सपर्ट से समझें इसके पीछे का साइंस​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

विधानसभा चुनाव से पहले आराधना मिश्रा मोना बनी प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस ने एक तीर से साधे कई निशाने​

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस ने अजय राय को हटाकर आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा मोना की ताजपोशी कर कांग्रेस ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं. कांग्रेस ने एक तो ब्राह्मण वोटरों को संदेश […]

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस ने अजय राय को हटाकर आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा मोना की ताजपोशी कर कांग्रेस ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं. कांग्रेस ने एक तो ब्राह्मण वोटरों को संदेश देने की कोशिश की है. वहीं महिला वोट बैंक पर भी पार्टी की नजर है.

उत्तर प्रदेश में इस समय ब्राह्मण वोट करीब 10 फीसदी माना जा रहा है. एक दौर में कांग्रेस ब्राह्मणमुस्लिम और दलित कॉम्बिनेशन से सत्ता तक पहुंचती थी, कुछ दशकों में यह गठजोड़ टूट गया, लेकिन आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने एक बार फिर वही कोशिश की है. यही नहीं, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने दबाव की राजनीति का भी संकेत दिया है.

जातीय समीकरण साधने की कोशिश

कांग्रेस ने महाराजगंज जिले के आलोक प्रसाद और गोरखपुर के रहने वाले देवेंद्र निषाद को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है. इससे पहले अजय राय, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे. जिनकी भूमिहार जाति का असर मऊ, गाजीपुर और वाराणसी के कई विधानसभा सीटों पर है. अब कांग्रेस ने नई कार्यकारिणी के जरिए नए जातीय समीकरण बनाने की कोशिश की है. इसी क्रम में आराधना मिश्रा को प्रदेश की कमान देकर कांग्रेस ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं. अब देखना है कि तीर मछली की आंख में लगती है या नहीं.

कौन है आराधना मिश्रा?

आराधना मिश्रा राज्यसभा सदस्य और 9 बार के विधायक प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. प्रमोद तिवारी की गिनती यूपी के बड़े ब्राह्मण चेहरों में होती है. उनकी विरासत को बेटी आराधना मिश्रा आगे बढ़ा रही हैं. वह खुद तीन बार से लगातार विधायक हैं. आराधना मिश्रा की एक और पहचान है कि वो समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को लेकर नरम रुख रखती हैं. अखिलेश भी पिछले चुनाव यानी 2022 में आराधना मिश्रा के सामने अपना कैंडिडेट नहीं दिया था. 2017 में सपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन ही था तो तब भी आराधना मिश्रा को एक तरह से सपा से वॉकओवर मिला था. आराधना के पिता प्रमोद तिवारी, 2013 में सपा के समर्थन से ही पहली बार राज्यसभा गए थे.

ब्राह्मण vs क्षत्रिय की राजनीति में फिट

आराधना मिश्रा, जिस प्रतापगढ़ से आती हैं, वहां पर ब्राह्मण बनाम क्षत्रिय की राजनीति बहुत प्रभावी रहती है. कमोबेश यही हाल पूरे पूर्वांचल का है. पिछले दो चुनाव से उनके खिलाफ बीजेपी क्षत्रिय कैंडिडेट ही मैदान में उतार रही है. ऐसे में इसकी काट के लिए कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को मैदान में उतारा है. यूपी में जितनी संख्या क्षत्रियों की है, उससे थोड़ा से अधिक ब्राह्मण वोटर हैं.

सपा से स्मूथ गठबंधन का रास्ता साफ

2024 के लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद कांग्रेस का मकसद अब विधानसभा चुनाव में बेस्ट परफॉर्मेंस देना है, लेकिन इसके लिए उसे सपा की जरूरत है. निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के रिश्ते अखिलेश यादव से अच्छे नहीं माने जाते थे. अजय राय हर बार 403 सीटों पर तैयारी का दावा करते रहते थे. बताया जा रहा है कि अजय राय के रुख से अखिलेश नाराज थे. कांग्रेस हाईकमान इस समय अखिलेश की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती है. यही वजह है कि उसने कमान ऐसे नेता को कमान दे दी, जिसका अखिलेश और सपा से पुराना रिश्ता है.

दबाव के लिए इमरान मसूद भी टीम में

हालांकि, आराधना मिश्रा मोना को बनाकर कांग्रेस ने सपा से सौहार्दपूर्ण बातचीत का माहौल तो बना दिया है, लेकिन कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को टीम में तवज्जो देकर दबाव बनाए रखने की रणनीति भी अपनाई है. अजय राय की तुलना में इमरान मसूद लगातार अखिलेश और सपा के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं. इमरान मसूद की तल्खी उस वक्त ज्यादा बढ़ गई, जब सपा ने उनके दामाद को अपने पाले में खींच लिया. इसके बाद से इमरान मसूद लगातार सपा पर हमलावर हैं. ऐसे में कांग्रेस हाईकमान ने सपा पर दबाव बनाए रखने के लिए इमरान को प्रदेश टीम में अहम जिम्मेदारी दी.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY