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लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने वाले को राहत, हाईकोर्ट से AMU के क्लर्क को मिली जमानत​

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व लोअर डिवीजन क्लर्क हशमत हुसैन को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. यह मामला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ₹2.5 करोड़ की रंगदारी मांगने से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने आरोपी की ओर से दाखिल छह अलगअलग जमानत अर्जियों को मंजूर कर लिया है. जस्टिस जय प्रकाश तिवारी […]

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व लोअर डिवीजन क्लर्क हशमत हुसैन को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. यह मामला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ₹2.5 करोड़ की रंगदारी मांगने से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने आरोपी की ओर से दाखिल छह अलगअलग जमानत अर्जियों को मंजूर कर लिया है. जस्टिस जय प्रकाश तिवारी की सिंगलजज बेंच ने यह आदेश दिया.

यह मामला जून 2023 में अलीगढ़ के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन इलाके में कई लोगों को धमकी भरे पत्र भेजने से जुड़ा है. आरोप है कि दिल्ली से स्पीड पोस्ट के जरिए आठ धमकी भरे लेटर भेजे गए थे. लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य होने का दावा करते हुए, लेटर भेजने वालों ने अलगअलग लोगों से कुल ₹2.5 करोड़ की मांग की थी. पैसे बिटकॉइन और लेटरों में दिए गए QR कोड के जरिए ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही, पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी.

पुलिस ने किया था दावा

इस मामले को लेकर 8 जून को अलीगढ़ के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में छह अलगअलग केस दर्ज किए गए थे. सभी FIR में सुनील कुमार यादव और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को आरोपी बनाया गया था. जांच के दौरान, पुलिस ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित जनरल पोस्ट ऑफिस के CCTV फुटेज के आधार पर AMU के पूर्व क्लर्क हशमत हुसैन को गिरफ्तार किया.

पुलिस जांच में दावा किया गया कि हुसैन ऑनलाइन ट्रेडिंग में करोड़ों रुपये गंवा चुका था और उस पर कर्ज का बोझ था. आरोप है कि अपना कर्ज चुकाने के लिए उसने लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल करके डर पैदा करने और रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी.

हशमत हुसैन के वकील की दलील

हाई कोर्ट में आरोपी का पक्ष रख रहे वकील यावर मुख्तार ने दलील दी कि हशमत हुसैन के खिलाफ छह अलगअलग FIR दर्ज की गई थीं और वह पूरी तरह बेगुनाह है. वकील ने कहा कि आरोपी को बुरी नीयत से इस मामले में फंसाया गया था. उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि चार्जशीट में साफ तौर पर कहा गया है कि हशमत हुसैन और नामजद आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया.

कोर्ट ने दी बड़ी राहत

वहीं, राज्य सरकार ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने हशमत हुसैन की छह जमानत याचिकाएं मंजूर कर लीं. कोर्ट के इस आदेश से आरोपी को बड़ी राहत मिली है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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