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लखनऊ में बुलडोजर से तोड़े जा रहे वकीलों के अवैध चैंबर, पुलिस से नोकझोंक, हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने के लिए भारी सुरक्षा के बीच कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के बाहर बने चैंबर्स को हटाया जा रहा है। रविवार सुबह 9 बजे से वकीलों के चैंबरों और दुकानों समेत 240 अवैध अतिक्रमण को तोड़ा जा रहा है। 6 बुलडोजर अवैध निर्माण को ढहा रहे हैं। सुबह प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची तो 100 से ज्यादा वकील-दुकानदार जुट गए। नारेबाजी करने लगे और जमीन पर बैठकर धरना देने लगे।

लखनऊ में बुलडोजर से तोड़े जा रहे वकीलों के अवैध चैंबर, पुलिस से नोकझोंक, हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
लखनऊ में बुलडोजर से तोड़े जा रहे वकीलों के अवैध चैंबर, पुलिस से नोकझोंक, हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

पुलिस ने हटाने की कोशिश की तो वकीलों और दुकानदारों से बहस हो गई। फिर जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने लाठी फटकार कर वकीलों और दुकानदारों को वहां से हटाया। फिलहाल, 4 एसीपी, पीएसी और पुलिस के 300 से ज्यादा जवान मौके पर तैनात हैं। फिलहाल मौके पर नगर निगम के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात हैं।

वहीं, न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए एक महिला वकील ने कहा, “यह सब गलत हो रहा है। यह सब कुछ खास लोगों की मिलीभगत से हो रहा है। हमारे वकीलों के बैठने की जगह हटाई जा रही है। अगर सभी चैंबरों को गिराने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाती तो बेहतर होता। उन्होंने उन लोगों के चैंबर भी गिरा दिए जिन्हें गिराने के लिए चिह्नित भी नहीं किया गया था। जबकि 72 चैंबरों की पहचान की गई थी।जिन्हें उच्च न्यायालय ने गिराने का आदेश दिया था। उन्होंने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने आम लोगों के चैंबर हटा दिए। चूंकि कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, तो जिनके चैंबर गिरा दिए गए हैं वे कहां बैठेंगे?”

लखनऊ के डीसीपी (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने न्यूज एजेंसी को बताया कि कैसरबाग स्थित उच्च न्यायालय के पास निर्मित चैंबर को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है। इस अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।

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हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन व कचहरी के आसपास बने वकीलों के 240 अवैध चैंबर तोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस चस्पा किए थे। वकीलों को खुद अवैध चैंबर हटाने के लिए वक्त भी दिया था। इसकी मियाद पूरी होने के बावजूद इन चैंबरों को नहीं हटाया गया। जिसके बाद इस पर बुलडोजर चलाया गया।

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