इन दिनों आईपीएल 2026 का एक्शन पूरे जोर-शोर से चल रहा है. मगर इसी एक्शन के बीच कुछ न कुछ बवाल सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक बड़ा बवाल अब भारतीय क्रिकेट से निकलकर आया है, जिसका पहली बार खुलासा हुआ है. आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे टीम इंडिया के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और महिला टीम की युवा ओपनर शेफाली वर्मा के खिलाफ डोप टेस्ट को लेकर शिकायत हुई है. एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारतीय क्रिकेट के इन दोनों सितारों ये दोनों सितारे डोप टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हुए, जिसके चलते BCCI और ICC से इसकी शिकायत की गई है.
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एक रिपोर्ट में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने दिसंबर में दोनों खिलाड़ियों को टेस्ट के लिए उपलब्ध न होने के कारण नोटिस भेजा है. NADA के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) में शामिल कुछ भारतीय क्रिकेटर्स में ही शेफाली और यशस्वी भी हैं. इस पूल में शामिल सभी खिलाड़ियों को हर साल एडवांस में ही ये बताना होता है कि वो किस वक्त, कहां रहेंगे और अगर वहां नहीं पाए जाने पर उन्हें नोटिस भेजा जाता है. इसे ‘व्हेयरअबाउट क्लॉज’ (Whereabout clause) का उल्लंघन कहा जाता है और यशस्वी-शेफाली ने इसका ही उल्लंघन किया है.
टेस्ट से चूके, नोटिस पर जवाब भी नहीं दिया
रिपोर्ट में बताया गया है कि बीती 17 दिसंबर को जब डोप कंट्रोल ऑफिसर (DCO) टेस्ट लेने के लिए पहुंचे, तो यशस्वी पहले से बताए गए अपने स्थान पर मौजूद नहीं थे. इसी तरह 7 नवंबर को शेफाली भी अपने बताए ठिकाने पर नहीं थी. ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों का टेस्ट नहीं हो सका. दोनों स्टार क्रिकेटर्स ने सिर्फ एक यही गलती नहीं की, बल्कि इसके बाद जब NADA ने इन्हें नोटिस भेजकर 18 और 20 फरवरी को जवाब भेजने के लिए कहा तो यशस्वी और शेफाली ने ये काम भी नहीं किया.
इसके चलते ही ही एजेंसी ने दोनों के नाम पर ‘व्हेयरअबाउट फेलियर’ के तहत ‘मिस टेस्ट’ दर्ज कर दिया. NADA ने अब दोनों को एक बार फिर नोटिस भेजकर 7 दिन के अंदर जवाब मांगा है. साथ ही इसकी जानकारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और ICC को भी दी गई है, जो को NADA और वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों से बंधे हैं.
यशस्वी-शेफाली का अब क्या होगा?
अब सवाल ये है कि क्या जायसवाल और शेफाली पर इसको लेकर कोई कार्रवाई होगी? जवाब है नहीं. दोनों के नाम पर फिलहाल सिर्फ एक ‘मिस टेस्ट’ दर्ज हुआ है. नियमों के मुताबिक, RTP में शामिल खिलाड़ियों को 12 महीने के अंदर 3 मौके मिलते हैं. अगर तीनों मौकों पर ये खिलाड़ी टेस्ट से चूक जाते हैं, तो इनके खिलाफ अनुशास्नात्मक कार्रवाई होती है. आरोपी खिलाड़ियों को NADA के सामने अपनी सफाई पेश करनी होती है और अगर वो अपने जवाब से संतुष्ट नहीं कर पाते हैं तो उन पर 2 साल तक का बैन लग सकता है.





