सोमवार, 17 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
Unclaimed Bank Deposits: पुराने बैंक खाते में पड़ी लावारिस रकम कैसे निकालें? RBI का UDGAM पोर्टल करेगा मदद​ | अजब-गजब हाल! 106 बच्चों में सिर्फ 3 पहुंचे स्कूल, 5 में से 4 शिक्षक गायब; देख दंग रह गए DM साहब​ | गाले टेस्ट में शुभमन गिल का ‘सुपरमैन’ कैच, हवा में उड़कर एक हाथ से लपकी गेंद​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

‘मैं जिंदा हूं साहब’… खुद को जिंदा साबित के लिए तीन साल से भटक रही बुजुर्ग, पेंशन बंद​

Auraiya News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दी गई, जबकि वह जिंदा हैं. रिकॉर्ड में हुई इस गलती के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी बंद हो […]

Auraiya News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दी गई, जबकि वह जिंदा हैं. रिकॉर्ड में हुई इस गलती के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी बंद हो गई. अब पिछले तीन वर्षों से वह सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर खुद को जीवित साबित करने की कोशिश कर रही हैं.

मामला औरैया जिले के अजीतमल विकासखंड की ग्राम पंचायत रतनपुर गढ़िया के मजरा लाल का पुरवा का है. यहां रहने वाली 70 वर्षीय सावित्री देवी का नाम समाज कल्याण विभाग के रिकॉर्ड में वर्ष 2023 में मृत दर्ज हो गया. इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई, जो उनके जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा थी.

सरकारी रिकॉर्ड में महिला की मौत

परिजनों का कहना है कि सावित्री देवी लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं. उन्होंने तहसील, जिला अधिकारी कार्यालय, संपूर्ण समाधान दिवस समेत कई कार्यक्रमों पर प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन अब तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं हो सका. उनका कहना है कि हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता.

ग्रामीणों का भी कहना है कि यदि सरकारी अभिलेखों में इस तरह की त्रुटियां होंगी तो पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाई होगी. उनका मानना है कि समय रहते रिकॉर्ड का सत्यापन और सुधार होना चाहिए, ताकि किसी जरूरतमंद को अपने अधिकार के लिए संघर्ष न करना पड़े.

बुजुर्ग महिला की रोक दी पेंशन

वहीं, इस पूरे मामले पर अजीतमल के उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत ने कहा है कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है. संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है. यदि जांच में यह पाया जाता है कि अभिलेखों में गलती के कारण महिला को मृत दर्शाया गया है, तो रिकॉर्ड में तत्काल संशोधन कराया जाएगा और नियमानुसार वृद्धावस्था पेंशन बहाल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

एसडीएम ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. एक जीवित महिला का सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज हो जाना केवल एक प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि उस व्यक्ति के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY