हॉरर फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक विक्रम भट्ट अपने करियर के शुरुआती दिनों में अपनी लव लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहे थे। उस समय वह अपनी पत्नी अदिति से अलग हो चुके थे। इसी दौरान महेश भट्ट की 1996 की साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘दस्तक’ में काम करते हुए उनकी नजदीकियां सुष्मिता सेन से बढ़ीं। यह सुष्मिता की पहली फिल्म थी, जबकि विक्रम भट्ट इसमें महेश भट्ट को असिस्ट कर रहे थे।

हालांकि, दोनों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और जल्द ही उनका ब्रेकअप हो गया, लेकिन विक्रम भट्ट ने हमेशा सुष्मिता सेन के साथ बिताए समय को अच्छे शब्दों में याद किया है। उन्होंने कभी भी सुष्मिता के बारे में कुछ गलत नहीं कहा। अब हाल ही में उन्होंने एक बार फिर अभिनेत्री के बारे बिना नाम लिए बात की है।
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क्या बोले विक्रम भट्ट
विक्रम भट्ट ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बात करते हुए कहा, “मैं एक स्ट्रगलिंग डायरेक्टर था। मेरे पास जहर खाने के भी पैसे नहीं थे। मैं आमिर खान को डायरेक्ट कर रहा था और मिस यूनिवर्स को डेट कर रहा था, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे। मैं कंगाल हो चुका था। मुझे याद है कि मेरे पास CD खरीदने के भी पैसे नहीं थे। मैंने फकीर जैसी जिंदगी जी है।” बता दें कि फिल्ममेकर ने 1998 की एक्शन फिल्म ‘गुलाम’ को डायरेक्ट किया था, जिसमें आमिर खान और रानी मुखर्जी थे। उसी समय वे सुष्मिता को डेट कर रहे थे।
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उन्होंने आगे कहा, “जो भी मेरी जिंदगी में आया, उसने कुछ न कुछ अच्छा ही किया। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे अपनी लाइफ के सभी लोगों के लिए प्यार और सम्मान महसूस होता है। उन्होंने मुझे हमेशा कुछ न कुछ दिया है। वैसे भी उनसे छीनने के लिए क्या था? किसी ने मुझे प्यार दिया, किसी ने अपना समय दिया, तो किसी ने जिंदगी का सबक सिखाया। लेकिन उन्होंने मुझे कुछ न कुछ जरूर दिया।”
अमीषा पटेल को भी किया था डेट
विक्रम भट्ट ने 2002 में रोमांटिक फिल्म ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’ में अमीषा पटेल को डायरेक्ट किया था। उन्होंने इस मूवी में अमीषा ने ऋतिक रोशन के साथ काम किया था, जबकि इससे दो साल पहले ही दोनों ने राकेश रोशन की 2000 की ब्लॉकबस्टर रोमांटिक ड्रामा ‘कहो ना… प्यार है’ से डेब्यू किया था। विक्रम ने 2002 से 2007 तक अमीषा पटेल को डेट किया।
विक्रम ने कहा, “मेरी फिल्में तो टिकी रहीं, लेकिन रिश्ते नहीं। मैंने अपनी फिल्मों में जरूर कुछ तो सही किया होगा। मिसाल के तौर पर, उस समय बैरक में किसी को नहीं पता था कि आपने क्या किया था। उनमें से आधे लोग तो तब पैदा भी नहीं हुए थे। लेकिन मेरी फिल्में सबको याद हैं। इसलिए, मुझे पता है कि क्या चीज जीतती है। आपकी मेहनत ही जीतती है।”
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