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मेनोपॉज के दौरान महिलाएं भूलकर भी नहीं करें ये 5 काम, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया बढ़ जाएगी मुसीबत, जानिए कैसे

महिलाओं का शरीर उम्र के हर पड़ाव पर कई बड़े बदलावों से गुजरता है। किशोरावस्था में पीरियड की शुरुआत से लेकर 40-50 की उम्र में मेनोपॉज तक, हार्मोनल बदलाव शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करते हैं। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और अन्य प्रजनन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसका असर सिर्फ पीरियड्स पर ही नहीं बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस दौरान कई महिलाओं को मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन,हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स, नींद की कमी, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे समय में कई महिलाएं राहत पाने के लिए कुछ ऐसी आदतें अपनाती हैं, जो उनकी तकलीफ को कम करने के बजाय और बढ़ा सकती हैं।

मेनोपॉज के दौरान महिलाएं भूलकर भी नहीं करें ये 5 काम, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया बढ़ जाएगी मुसीबत, जानिए कैसे
मेनोपॉज के दौरान महिलाएं भूलकर भी नहीं करें ये 5 काम, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया बढ़ जाएगी मुसीबत, जानिए कैसे

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट Rujuta Diwekar के मुताबिक मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को 5 गलत आदतों से खासतौर पर बचना चाहिए, ताकि शरीर और हार्मोन दोनों संतुलित रह सकें और उनकी बॉडी हेल्दी रहे। एक्सपर्ट ने बताया महिलाएं सही लाइफस्टाइल और संतुलित दिनचर्या अपनाकर इस दौर को काफी आसान बना सकती हैं।

जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना पड़ सकता है भारी

बहुत सी महिलाएं फिट रहने के लिए इस उम्र में अचानक ज्यादा वर्कआउट शुरू कर देती हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज शरीर को थका सकती है। लगातार भारी वर्कआउट करने से कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और थकान बढ़ सकती है। Journal of Midlife Health और The Journal of The North American Menopause Society की एक रिसर्च के मुताबिक मेनोपॉज के दौरान अचानक बहुत हैवी या इंटेंस वर्कआउट करने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन Cortisol तेजी से बढ़ता है। चूंकि इस उम्र में हड्डियां और मांसपेशियां पहले से ही कमजोर हो रही होती हैं, इसलिए जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से ‘क्रोनिक फटीग, जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव का खतरा दोगुना हो जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मध्यम गति की वॉक और योग सबसे सुरक्षित हैं। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि इंटेंस वर्कआउट की बजाय नियमित और हल्की एक्सरसाइज पर ध्यान दें। रोजाना वॉक, योग, स्ट्रेचिंग या हल्का स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकता है।

कम खाना या डाइट स्किप करना हो सकता है नुकसानदायक

कई महिलाएं वजन बढ़ने के डर से खाना कम कर देती हैं या मील स्किप करने लगती हैं। लेकिन मेनोपॉज के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण की ज्यादा जरूरत होती है। कम खाने से कमजोरी, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या बढ़ सकती है। The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक मेनोपॉज के दौरान वजन बढ़ने के डर से खाना कम करने या मील स्किप करने वाली महिलाओं पर की गई रिसर्च के मुताबिक खाना स्किप करने से महिलाओं का मेटाबॉलिज्म और ज्यादा धीमा हो जाता है। भोजन कम करने से शरीर में कैल्शियम, विटामिन D3 और प्रोटीन की भारी कमी हो जाती है, जिससे ‘ऑस्टियोपोरोसिस और तेजी से बढ़ता है। साथ ही ब्लड शुगर असंतुलित होने से चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स की समस्या गंभीर हो जाती है। इस उम्र में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर संतुलित डाइट लेना बेहद जरूरी है। समय पर खाना खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

नींद को नजरअंदाज करना भी गलत

मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से नींद प्रभावित हो सकती है। कई महिलाओं को रात में बार-बार नींद टूटने या अनिद्रा की शिकायत रहती है। पर्याप्त नींद न लेने से तनाव और थकान और बढ़ सकती है। बेहतर होगा कि सोने और उठने का समय तय रखें, रात में कैफीन कम लें और स्क्रीन टाइम घटाएं।

तनाव को हल्के में न लें

मेनोपॉज सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक बदलाव भी लाता है। इस दौरान चिंता, गुस्सा, बेचैनी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। मानसिक सेहत को दुरुस्त करने के लिए मेडिटेशन, योग, परिवार के साथ समय बिताना और पसंदीदा गतिविधियों में शामिल होना तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

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नियमित हेल्थ चेकअप जरूरी

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सलाह और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। अगर आपको गंभीर स्वास्थ्य समस्या है या मेनोपॉज के लक्षण ज्यादा परेशान कर रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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