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मान सरकार का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का हुआ विस्तार, निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी

मान सरकार का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का हुआ विस्तार, निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी

Chandigarh : पंजाब के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने और सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम करने की दिशा में भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का व्यापक विस्तार करते हुए इसके तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 17 और नई मेडिकल प्रक्रियाओं (इलाजों) को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अब अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इस कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच में शामिल कर लिया गया है।

मान सरकार का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का हुआ विस्तार, निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी
मान सरकार का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का हुआ विस्तार, निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी

सरकारी अस्पतालों का घटेगा बोझ, मरीजों को मिलेगी कतारों से मुक्ति
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस बड़े फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। अब तक जो 17 मेडिकल प्रक्रियाएं केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित थीं, वे अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी कराई जा सकेंगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “इस फैसले से विशेषकर उन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में बड़ा सुधार होगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं सीमित हैं या सरकारी अस्पतालों पर मरीजों की निर्भरता बहुत अधिक है। इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव घटेगा, मरीजों का प्रतीक्षा समय कम होगा और उन्हें समय पर सटीक इलाज मिल सकेगा।”

निजी अस्पतालों में शामिल हुए ये 17 नए इलाज
विस्तारित सूची के तहत नई स्वीकृत प्रक्रियाएं विभिन्न मेडिकल विशेषताओं से संबंधित हैं, जिनके पैकेज रेट ₹2,000 से लेकर ₹27,800 तक निर्धारित किए गए हैं:

जनरल सर्जरी: हाइड्रोसील का ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी और ओपन व लैप्रोस्कोपिक दोनों तरह की गॉल ब्लैडर सर्जरी अब निजी अस्पतालों में कैशलेस होगी।

ईएनटी (कान, नाक, गला): नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन शामिल किए गए हैं।

महिला स्वास्थ्य सेवाएं: 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात संबंधी प्रक्रिया, हिस्टेरोटॉमी, गर्भावस्था की जटिलताओं के लिए अस्पताल में भर्ती और नाबालिग लड़कियों, अविवाहित महिलाओं या यौन शोषण पीड़ितों की एनेस्थीसिया के तहत जांच को प्राथमिकता दी गई है।

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नेत्र और ऑर्थोपेडिक: आँखों के लिए पटेरीजियम एक्सीजन व एंट्रोपियन करेक्शन और ऑर्थोपेडिक के तहत टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों का इलाज तथा टखने के फ्रैक्चर का ऑपरेशन अब पैनल के निजी अस्पतालों में हो सकेगा।

अकेले रहने वाले और विदेशों में रह रहे बच्चों के माता-पिता को बड़ा लाभ
इस एलान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब तक यह योजना केवल दो या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों तक सीमित थी, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। अब अकेले रहने वाले व्यक्ति, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं और स्वतंत्र रूप से रहने वाले अन्य लोग शामिल हैं, इसका लाभ उठा सकेंगे। इस फैसले से उन बुजुर्ग माता-पिता को सबसे बड़ी राहत मिलेगी जिनके बच्चे विदेशों (एनआरआई) में रहते हैं।

पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को पंजाब का निवास प्रमाण पत्र/पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी कार्ड) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों के लिए जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अकेले रहने वाले व्यक्तियों को नामांकन के लिए एक स्व-घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन) जमा करना होगा, जिसका सत्यापन स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पंजाब के लगभग 65 लाख परिवार इस योजना के दायरे में आ चुके हैं। वर्तमान में सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 824 अस्पताल इस योजना के तहत इलाज प्रदान कर रहे हैं, जिसमें लगभग 2,300 बीमारियों और प्रक्रियाओं को कवर किया जा रहा है।

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