पूरे माथे में दर्द हो रहा है, केवल आंख की तरफ दर्द है या फिर सिर में चुभन जैसी महसूस हो रही है. इस तरह से आप लक्षणों से ये पहचान कर सकते हैं कि आपको कौन सा सिरदर्द है, क्योंकि हमेशा केवल जुकाम या तेज गर्मी की वजह से ही आपको सिरदर्द की समस्या नहीं होती है. बहुत ज्यादा स्ट्रेस, डेली रूटीन के अनियमित होने पर बायोलॉजिकल क्लॉक का डिस्टर्ब होना जैसे कई फैक्टर होते हैं जो सिरदर्द को ट्रिगर कर सकते हैं. इसी कारण सिरदर्द कई तरह के होते हैं. इसके लक्षणों पर ध्यान देकर आप उचित उपचार कर सकते हैं और इससे राहत पा सकते हैं.

इस आर्टिकल में जानेंगे माइग्रेन से लेकर क्लस्टर, साइनस, टेंशन हेडेक तक सिरदर्द के अलगअलग टाइप और कौन से संकेतों से आप इसकी पहचान कर सकते हैं. इसी के साथ ये भी जानें कि आपको कब तुरंत डॉक्टर को दिखाने की आवश्यकता होती है.
माइग्रेन का दर्द
अपोलो स्प्रैक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर रोहित शर्मा ने बताया कि सिरदर्द को केवल सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके अलगअलग टाइप होते हैं और इसी के मुताबिक, सिरदर्द के लक्षण भी अलग हो सकते हैं. पहला है माइग्रेन. इसमें आमतौर पर सिर के एक हिस्से में धड़कता हुआ तेज दर्द होता है, जो कई घंटों तक रह सकता है. कुछ लोगों को सिरदर्द के साथ मितली, उल्टी तथा रोशनी या तेज आवाज से परेशानी हो सकती है.
टेंशन सिरदर्द
आज के समय में सबसे आम सिरदर्द के प्रकार की बात करें तो वो है टेंशन सिरदर्द यानी तनाव के कारण होने वाला सिरदर्द. इसमें दर्द के साथ ही सिर के चारों ओर कसाव या दबाव जैसा महसूस होता है जैसे किसी ने सिर पर कसकर पट्टी बांध दी हो.
क्लस्टर सिरदर्द
लोग अक्सर माइग्रेन और क्लस्टर हेडेक में थोड़ा कन्फ्यूज हो जाते हैं. कलस्टर सिरदर्द में आंख के आसपास अचानक बेहद तेज दर्द होता है. इसी के साथ प्रभावित आंख में पानी आना, इसी साइड से नाक से पानी पहने लगना जैसे लक्षण होते हैं और आंख लाल भी हो सकती है. क्लस्टर हेडेक में कुछ लोगों में सिरदर्द से पहले आंखों के सामने चमकती रोशनी, धुंधला दिखाई देना या हाथपैर में झुनझुनी जैसे संकेत भी होते हैं.
साइनस सिरदर्द
जब साइनस गुहाओं या थैलियों में सूजन या संक्रमण हो जाता है या कफ जमा हो जाता है तो इससे दबाव बढ़ता है. इस स्थिति को साइनसाइटिस कहा जाता है. इसें माथे, चेहरे या आंखों के आसपास दबाव के साथ दर्द महसूस होता है. कुछ मामलों में नाक बंद होना, नाक बारबार बहना और सूंघने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है.
इन लक्षणों में तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर का कहना है कि इसमें कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है जैसे सिरदर्द माथे में किस जगह पर हो रहा है, उसकी तीव्रता कितनी है, कितनी देर तक सिरदर्द बना रहता है और ये दिन या हफ्तों में कितनी बार होता है. अगर आपको सिरदर्द की समस्या बारबार हो रही है. ये अचनाक बहुत तेज शुरू हुआ है. इसी के साथ आपको बोलने में दिक्कत आना, चक्कर जैसा महसूस होना, कमजोरी, देखने में परेशानी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य सिर्फ सामान्य जानकारी प्रदान करना है. इसे सीधे तौर पर चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें और स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श करें.