लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर बिल पास नहीं होने के बाद सियासत ने जोर पकड़ ली है। जहां शनिवार पीएम मोदी ने शाम 8.30 बजे देश के नाम संबोधन में विपक्षी दलों के रुख को महिलाओं का अपमान बताया वहीं अब बीजेपी के नेता भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी दलों पर हमला बोल रहे हैं। बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और विपक्ष पर निशाना साधा।

उन्होंने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की लाखों-करोड़ों महिलाओं का अपमान हुआ है। उन्होंने 17 तारीख को लोकतंत्र के इतिहास का “काला दिन” करार दिया। सम्राट चौधरी ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार था जब ये दल महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर खुशी मना रहे थे। उन्होंने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं ने पहले भी ऐसे विधेयकों का विरोध किया था।
उन्होंने परिवारवाद पर भी सवाल उठाए और कहा कि राहुल गांधी की बहन सांसद बन सकती हैं, अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन देश की गरीब महिला कब संसद पहुंचेगी? यह बड़ा सवाल है।
सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की नीतियों की तारीफ की और कहा कि दोनों नेताओं ने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में 59 प्रतिशत से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आ रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दल लगातार इसमें बाधा डाल रहे हैं। सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि इस मुद्दे पर अभियान चलाया जाएगा और जनता ही विपक्ष को जवाब देगी। अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में 17 तारीख का दिन हमेशा एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।





