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भारत ने तोड़ दिया चीन का घमंड, बिना रेयर अर्थ के बना ली इलेक्ट्रिक मोटर​

नई दिल्ली: भारत ने चीन के वर्चस्व वाले रेयर अर्थ मिनरल्स के बिना ही बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत ने यह कामयाबी एक इलेक्ट्रिक मोटर बनाकर हासिल की है, जिसके लिए रेयर अर्थ मैग्नेट की जरूरत नहीं पड़ती है। चीन के पास पूरी दुनिया के कुल रेयर अर्थ का 90 फीसदी हिस्से पर कब्जा […]

नई दिल्ली: भारत ने चीन के वर्चस्व वाले रेयर अर्थ मिनरल्स के बिना ही बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत ने यह कामयाबी एक इलेक्ट्रिक मोटर बनाकर हासिल की है, जिसके लिए रेयर अर्थ मैग्नेट की जरूरत नहीं पड़ती है। चीन के पास पूरी दुनिया के कुल रेयर अर्थ का 90 फीसदी हिस्से पर कब्जा है, जिसे लेकर वह घमंड से इतराता रहता है और जरूरत पड़ने पर सप्लाई करने में आनाकानी करता है।

भारत ने हासिल कर ली गजब की तकनीक
सोशल मीडिया एक्स पर एक स्टोरी के अनुसार, भारत ने एक ऐसी इलेक्ट्रिक मोटर बनाकर बड़ी तकनीकी कामयाबी हासिल की है जो ‘रेयर अर्थ मैग्नेट’ के बिना चलती है। यह मोटर ग्लोबल ‘रेयर अर्थ सप्लाई चेन’ पर चीन के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को सीधे चुनौती देती है। यह इलेक्ट्रिक मोटर बेंगलुरु के स्टार्टअप ‘विमाग लैब्स’ ने विकसित किया है।

रेयर अर्थ मैग्नेट्स की जगह इस धातु का इस्तेमाल
रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु के स्टार्टअप ‘विमाग लैब्स’ द्वारा विकसित इस ‘सॉफ्टवेयरडिफाइंड मोटर’ में परमानेंट रेयर अर्थ मैग्नेट की जगह कॉपर वाइंडिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और खास सॉफ्टवेयर का एक स्मार्ट सिस्टम इस्तेमाल किया गया है, जो एक वर्चुअल मैग्नेटिक फील्ड बनाता है। इस इनोवेशन का पेटेंट भी हो चुका है और खबरों के मुताबिक इसकी पायलट टेस्टिंग चल रही है।

भारत की इस कामयाबी की रणनीतिक अहमियत
भारत की इस कामयाबी का रणनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है। दुनिया भर में रेयर अर्थ प्रोसेसिंग का तकरीबन 90 फीसदी और परमानेंट मैग्नेट के प्रोडक्शन का 94 फीसदी हिस्सा चीन के कंट्रोल में है। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल और रोबोटिक्स से लेकर डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उद्योगों पर उसका बहुत ज्यादा असर है। रेयर अर्थ मैग्नेट की जरूरत खत्म करके, भारत चीनी इंपोर्ट पर अपनी निर्भरता काफी कम कर सकता है।

नई तकनीक से रेयर अर्थ पर निर्भरता खत्म
रिपोर्टों के अनुसार, अगर इसे बड़े पैमाने पर कमर्शियलाइज़ किया जाता है, तो यह टेक्नोलॉजी भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को मजबूत कर सकती है। सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ा सकती है, स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे सकती है और देश को अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रिक मोटर टेक्नोलॉजी में एक ग्लोबल इनोवेटर के तौर पर स्थापित कर सकती है।

यह स्वदेशी तकनीक में निर्णायक कदम
यह स्वदेशी इनोवेशन महज इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है और दुनिया के सबसे अहम औद्योगिक संसाधनों में से एक पर चीन के एकाधिकार को सीधी चुनौती भी है।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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