Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला अदालती फैसला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है. अपने ही पति की आंखों में तेजाब डालकर उसकी दुनिया में हमेशा के लिए अंधेरा करने वाली पत्नी को संभल कोर्ट ने सोमवार को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी महिला पर 1 लाख 75 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी ठोका है. बताया जा रहा है कि पीड़ित पति ने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, जिसका विरोध करने पर उसे यह भयानक सजा भुगतनी पड़ी.

मामला बिजनौर के नगीना इलाके का है, जहां की रहने वाली 30 वर्षीय कहकशां ने साल 2019 में 35 वर्षीय मुजफ्फर अली से प्रेम विवाह किया था. दोनों के दो बच्चे भी हैं. शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच कहकशां का अपने पड़ोस में रहने वाले एक युवक से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया. 7 मार्च 2025 की सुबह जब मुजफ्फर अली अचानक अपने घर पहुंचा, तो उसने पत्नी कहकशां को प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. मुजफ्फर के शोर मचाने पर प्रेमी तो भाग निकला, लेकिन पति-पत्नी के बीच इस बात को लेकर भारी विवाद हुआ, जिसे पड़ोसियों ने शांत कराया.
सोते हुए पति पर बाल्टी से उड़ेल दिया तेजाब
झगड़े के बाद मुजफ्फर अली अपने कमरे में सोने चला गया. इसी का फायदा उठाकर कहकशां चुपके से बाजार गई और वहां से तेजाब खरीद लाई. जब मुजफ्फर गहरी नींद में सो रहा था, तब कहकशां ने उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया. दर्द से तड़पते हुए जब मुजफ्फर बाहर भागा, तो क्रूरता की हदें पार करते हुए कहकशां ने बाल्टी और मग से दोबारा उस पर तेजाब फेंका. पड़ोसियों ने लहूलुहान मुजफ्फर को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे बेहद गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया.
छह महीने इलाज के बाद भी चली गई आंखों की रोशनी
इस जानलेवा हमले में मुजफ्फर का चेहरा, कंधा और पेट बुरी तरह गल चुके थे. सफदरजंग अस्पताल में करीब छह महीने चले लंबे इलाज के बाद मुजफ्फर की जान तो बच गई, लेकिन उसकी दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में यह भी खुलासा किया कि तेजाब फेंकने से एक दिन पहले (6 मार्च 2025 को) कहकशां ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर मुजफ्फर को खाने में जहर देकर मारने की नाकाम कोशिश भी की थी.
कोर्ट का फैसला सुनते ही रो पड़ी दोषी पत्नी
Khabar Monkey
अपर जिला जज गोपाल की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कहकशां को दोषी करार दिया था. सोमवार को जैसे ही अदालत ने उम्रकैद और जुर्माने का फैसला सुनाया, दोषी कहकशां कोर्ट रूम में ही फूट-फूटकर रोने लगी. इसके बाद पुलिस ने उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया. सजा के वक्त पीड़ित मुजफ्फर भी तौलिए से अपना झुलसा हुआ चेहरा ढककर मां के साथ इंसाफ की आस में कोर्ट पहुंचा था. वहीं, कहकशां की वकील पिंकी शर्मा ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है.












