Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां बर्रा थाना इलाके में नौवीं क्लास के एक छात्र ने अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. छात्र ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसे बाद में उसने फाड़ डाला. मृतक छात्र के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं. उन्होंने स्कूल के शिक्षकों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है. पिता का कहना है कि शिक्षक उनके बेटे पर जबरन कोचिंग पढ़ने का दबाव बना रहे थे, जिससे वह बेहद तनाव में था. इस घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है.

मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से कौशांबी जिले के रहने वाले राकेश कुमार लखनऊ के महानगर कोतवाली में बतौर हेड कांस्टेबल तैनात हैं. उनका परिवार कानपुर के बर्रा थाना इलाके में रहता है, जिसमें उनकी पत्नी मीना, बेटी आर्या और दो बेटे अभय व आयुष शामिल थे. राकेश का छोटा बेटा आयुष (14) केशव पुरम स्थित मदर टेरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था.
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राकेश कुमार ने बताया कि 16 मई को आयुष का जन्मदिन था. 13 मई को पूरा परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गाँव गया था, लेकिन आयुष और उसका बड़ा भाई अभय घर पर ही रुक गए थे. आयुष ने पिता से कहा था कि वह घर पर रहकर पढ़ाई करना चाहता है और उसने जन्मदिन के तोहफे में गिटार मांगा था.
बड़े भाई ने कमरे में झूलता देखा शव
शुक्रवार देर रात बड़े बेटे अभय ने पिता को फोन पर सूचना दी कि छोटे भाई आयुष ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है. काफी आवाज देने और कुंडी खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिल रहा था. इस पर पिता ने अभय को तुरंत दरवाजा तोड़ने के लिए कहा. जब अभय दरवाजा तोड़कर कमरे के भीतर दाखिल हुआ, तो उसके होश उड़ गए. आयुष कमरे में पंखे के कुंडे से फांसी का फंदा लगाकर झूल रहा था.
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. देर रात पिता, मां और बहन भी कानपुर स्थित घर पहुँचे. पुलिस को जांच के दौरान कमरे से आयुष की हैंडराइटिंग में लिखा हुआ एक सुसाइड नोट मिला, जिसे टुकड़े-टुकड़े करके फाड़ा गया था. पुलिस ने फटे हुए सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
‘कोचिंग नहीं पढ़ी तो फेल कर देंगे’ – शिक्षकों पर गंभीर आरोप
मृतक के पिता राकेश ने रोते हुए बताया कि आयुष ने उनसे कई बार स्कूल की शिकायत की थी. आयुष का कहना था, “पिताजी, मुझे इस स्कूल में नहीं पढ़ना है. यहां पढ़ाई अच्छी नहीं होती और यहां केस टीचर मुझे अपने पास अलग से कोचिंग पढ़ने के लिए मजबूर करते हैं. वे धमकी देते हैं कि अगर कोचिंग नहीं आए, तो स्कूल की परीक्षा में फेल कर देंगे.”
इस पूरी घटना पर बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव का कहना है कि छात्र की आत्महत्या के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है. घटनास्थल से मिले फटे हुए नोट को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उसके आधार पर तहरीर मिलने पर निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इकलौता छोटा बेटा होने के कारण आयुष अपनी माँ का सबसे दुलारा था, जिससे माँ मीना का रो-रोकर बुरा हाल है.





