पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक और चौंकाने वाले परिणामों के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आ रही हैं। बुधवार को कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में उस समय तनाव फैल गया, जब अज्ञात हमलावरों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और मंत्री अरूप बिस्वास के जनसंपर्क कार्यालय पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने कार्यालय में रखे फर्नीचर और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को तहस-नहस कर दिया।

बता दें, हिंसा की यह आग केवल कोलकाता तक सीमित नहीं है। आसनसोल के गोधुली इलाके और हावड़ा के डुमुरजला में भी टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं, कूच बिहार के दिनहाटा में टीएमसी के ब्लॉक अध्यक्ष बिशु धर पर मतगणना केंद्र के बाहर जानलेवा हमला हुआ। बिशु धर ने इस हमले का सीधा आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर मढ़ते हुए इसे “भाजपा की संस्कृति” करार दिया है। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर भी वोटिंग को लेकर मारपीट के आरोप लगाए हैं।
ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन
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गौरतलब है कि इन हिंसात्मक घटनाओं के पीछे राज्य में हुआ बड़ा राजनीतिक उलटफेर है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 294 सीटों में से 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल कर ममता बनर्जी के अजेय माने जाने वाले किले को ढहा दिया है। टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है, जबकि वामदल और कांग्रेस का लगभग सूपड़ा साफ हो गया है।
राज्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।





