सोमवार, 2 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने पर छलका सरफराज खान का दर्द! बोले- जब भारतीय टीम के साथ था तो यही सुनने को मिला, अब कर दिया बड़ा खुलासा​ | प्रयागराज में NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने किया सुसाइड, पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को मारी गोली​ | पॉल्यूशन का असर स्किन पर भी पड़ रहा! हो रहीं ये दिक्कतें, एक्सपर्ट ने बताया​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

प्रयागराज से आगरा ट्रांसफर, फिर चैंबर में मिली लाश… रेलवे अफसर अभिषेक सिंह की मौत के पीछे क्या?​

Agra News: आगरा रेल मंडल के DRM कार्यालय में असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर अभिषेक सिंह का शव उनके चैंबर में मिला. 30 साल के अभिषेक का शव कुर्सी पर पड़ा था. उनके मुंह से झाग निकल रहा था और टेबल पर नींद की गोलियां रखी थीं. पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट भी […]

Agra News: आगरा रेल मंडल के DRM कार्यालय में असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर अभिषेक सिंह का शव उनके चैंबर में मिला. 30 साल के अभिषेक का शव कुर्सी पर पड़ा था. उनके मुंह से झाग निकल रहा था और टेबल पर नींद की गोलियां रखी थीं. पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें अभिषेक ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. वहीं, उनकी पत्नी और मां ने सीनियर अधिकारियों पर मानसिक रूप से परेशान करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने DRM कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया.

रविवार को ऑफिस गए थे अभिषेक, रात तक घर नहीं लौटे

अभिषेक सिंह आगरा रेल मंडल में असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर के पद पर तैनात थे. रविवार को PET परीक्षा होने की वजह से वह अपने कार्यालय पहुंचे थे. बताया जा रहा कि वह रविवार दोपहर करीब 3 बजे अपने सरकारी आवास पर आए थे. यहां से एक डायरी लेकर दोबारा ऑफिस चले गए. इसके बाद वह घर नहीं लौटे. देर शाम तक अभिषेक के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों को चिंता होने लगी. परिजनों ने उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला.

ये भी पढे़ं

इसके बाद परिजनों ने DRM कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से संपर्क किया और अभिषेक के बारे में जानकारी मांगी. साथ ही कर्मचारी जब उनके चैंबर में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए. अभिषेक अपनी कुर्सी पर मृत अवस्था में पड़े थे. उनके मुंह से झाग निकल रहा था और टेबल पर नींद की गोलियां रखी हुई थीं. इसके बाद कर्मचारियों ने तुरंत उनके परिवार को सूचना दी.

बेटे का शव देखकर बेहोश हुईं मां

अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन DRM कार्यालय पहुंचे. वहां बेटे का शव देखकर मां सुशीला देवी की हालत बिगड़ गई. वह मौके पर ही बेहोश हो गईं. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. पत्नी आस्था भी पति का शव देखकर फूटफूटकर रोने लगीं. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम DRM कार्यालय पहुंची. पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए. इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस को घटनास्थल से दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

अभिषेक की पत्नी आस्था ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों पर पति को लगातार परेशान करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अभिषेक लंबे समय से नौकरी के दबाव और अधिकारियों के व्यवहार से परेशान थे. वह घर आकर बताते थे कि ऑफिस में उन्हें लगातार डांटा जाता है और काम को लेकर दबाव बनाया जाता है. आस्था के मुताबिक, अभिषेक को ट्रेनिंग पर भी नहीं जाने दिया जा रहा था. दो बार उनका नाम ट्रेनिंग के लिए आया, लेकिन दोनों बार किसी न किसी वजह से ट्रेनिंग रद्द कर दी गई. वह कहते थे कि अधिकारी उन्हें काम समझने और सीखने का पर्याप्त समय नहीं देते.

सुसाइड नोट में लिखा मैं अच्छा बेटा और पति नहीं बन पाया

पुलिस के मुताबिक, अभिषेक के पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है. एसीपी सदर अमीषा ने बताया कि सुसाइड नोट में अभिषेक ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. नोट में उन्होंने लिखा है कि वह एक अच्छे बेटे और पति की जिम्मेदारी नहीं निभा पाए. वह समाज और नौकरी के बीच तालमेल नहीं बैठा पा रहे थे. उन्होंने यह भी लिखा कि वह इस नौकरी के लिए फिट नहीं हैं और इसके लिए परिवार से माफी मांगी है. पुलिस सुसाइड नोट के साथ घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है. वहीं, परिजनों की ओर से लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है.

3 महीने पहले प्रयागराज से आगरा हुआ था ट्रांसफर

अभिषेक सिंह मूल रूप से एक छोटे परिवार से थे और घर के इकलौते बेटे थे. करीब तीन महीने पहले ही उनका प्रयागराज से आगरा ट्रांसफर हुआ था. वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ DRM कार्यालय परिसर में बने सरकारी आवास में रहते थे. उनके परिवार में मां सुशीला देवी, पत्नी आस्था और दो बच्चे हैं. उनका एक बेटा महज चार महीने का है. अभिषेक के सरकारी आवास और कार्यालय के बीच करीब 200 मीटर की दूरी थी. बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे.

कर्मचारियों ने DRM कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

अभिषेक की मौत की खबर सोमवार सुबह रेलवे कर्मचारियों में फैल गई. इसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली. बड़ी संख्या में कर्मचारी DRM कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने ‘कर्मचारियों का शोषण बंद करो’ और ‘अधिकारियों को जेल भेजो’ जैसे नारे लगाए. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे में कर्मचारियों पर काम का दबाव बनाया जाता है और उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY