Lucknow power crisis: उत्तर भारत समेत समूचे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी है. वहीं, लखनऊ में भीषण गर्मी (42-45 डिग्री तापमान) के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गई है. पिछले तीन-चार दिनों से फैजुल्लागंज, पारा, सआदतगंज, चिनहट, जानकीपुरम, नीलमथा, राजाजीपुरम, सरोजनी नगर समेत दर्जनों इलाकों में लंबी-लंबी अघोषित बिजली कटौतियां हो रही हैं. कई जगहों पर 24 से 36 घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. सड़कों पर प्रदर्शन, पावर हाउसों का घेराव, जेई की गाड़ी के टायर पंक्चर, अधिकारियों को बंधक बनाना, यह तस्वीर अब आम हो गई है. विभाग ने स्थिति संभालने के लिए दूसरे जिलों से 44 अभियंताओं को बुलाया है, लेकिन राहत अभी दूर नजर आ रही है.

श्याम विहार कॉलोनी समेत फैजुल्लागंज क्षेत्र में शनिवार को भी लोग सड़क पर उतर आए. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दो-तीन दिनों में कुल 4-5 घंटे ही बिजली आई. महिलाएं आधी रात को भी सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं. एक स्थानीय महिला ने बताया कि घर में पानी नहीं आ रहा, बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं. विभाग के अधिकारियों को फोन करते हैं तो कोई उठाने को तैयार नहीं. फैजुल्लागंज पावर हाउस के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है. बुधवार-गुरुवार, शनिवार को यहां उग्र प्रदर्शन हुआ, जिसमें पुलिस को खदेना पड़ा.
इन इलाकों में ‘संकट भारी’
पारा के बद्धेश्वर चौराहे पर 22 मई को लोगों ने जेई की गाड़ी रोकी, टायर पंक्चर किए और उन्हें बंधक बना लिया. लोगों ने कहा कि बिजली आएगी तभी जाने देंगे. सआदतगंज थाना क्षेत्र के रामप्रसाद बिस्मिल नगर, अंबरगंज में 21 मई की रात से बिजली गुल है. ओवरहेड तार बार-बार टूट रहे हैं. मरम्मत के बाद 15-30 मिनट में फिर समस्या हो जाती है. लोग खुद तारों को सड़क से ऊपर बांध रहे हैं.
नीलमथा शाही नूर कॉलोनी गुरुवार रात ट्रांसफार्मर खराब होने से 500+ घर 26 घंटे बिना बिजली रहे, पानी का संकट भी गहराया. चिनहट-अशरफ विहार में 9 घंटे कटौती हुई. ओवर ब्रिज के नीचे 100 KVA ट्रांसफार्मर में आग लग गई. लालबाग और चौक-केबल और तार जलकर सड़क पर गिरे. अकबरी गेट जैसे व्यस्त इलाके में भी बड़ा हादसा होते-होते टल गया. इस हादसे में जानकीपुरम-लाइनमैन कमलेश और गुड्डू फ्लैशओवर से झुलस गए. सबसे दुखद- फैजुल्लागंज उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन उदय राज की 11 KV लाइन पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई.
वर्टिकल व्यवस्था भी फेल?
लखनऊ में हाल ही में लागू वर्टिकल व्यवस्था के बाद पहली गर्मी में ही व्यवस्था चरमरा गई. बढ़ते लोड, पुरानी लाइनें और अपर्याप्त ट्रांसफार्मर क्षमता मुख्य कारण बताए जा रहे हैं. मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, सीतापुर आदि से 44 अभियंताओं को लखनऊ भेजा है. इंद्रलोक कॉलोनी जैसे इलाकों में 10 MVA ट्रांसफार्मर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन तत्काल समाधान नहीं.
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लोगों में आक्रोश
भीषण गर्मी में बिना बिजली के लोग छतों, बालकनियों और पार्कों में रात काट रहे हैं. इनवर्टर चार्ज नहीं हो पा रहे, पानी की सप्लाई ठप, मरीज और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. जलकल विभाग टैंकर भेज रहा है, लेकिन वह अपर्याप्त है.
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे महा विद्युत आपदा करार दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार, बिजली मंत्री और भ्रष्ट ठेकेदार जिम्मेदार हैं. उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को भी महाभ्रष्टाचार बताया.





