भारतीय टीम (Team India) में T20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) जीतने के बाद अब भविष्य की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी बीच टीम इंडिया (Team India) की अगली टी20 कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मौजूदा कप्तान Suryakumar Yadav की जगह भविष्य में कौन कप्तानी संभालेगा, इसे लेकर कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। अब इस रेस में एक नया और चौंकाने वाला नाम जुड़ गया है ईशान किशन (Ishan Kishan)।

Team India की कप्तानी की रेस में कैसे आगे निकले ईशान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक चयनकर्ता अब ऐसे खिलाड़ी की तलाश में हैं जो आने वाले कई सालों तक टीम इंडिया (Team India) को टी20 फॉर्मेट में लीड कर सके। ईशान किशन का आक्रामक खेल, विकेटकीपिंग और नेतृत्व क्षमता उन्हें मजबूत दावेदार बना रही है।
ईशान किशन ने पिछले कुछ समय में घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने झारखंड की कप्तानी करते हुए टीम को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई थी। इसके अलावा दिलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) में भी उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों की काफी तारीफ हुई थी।
Khabar Monkey
सूर्यकुमार यादव पर क्यों उठ रहे सवाल?
हालांकि Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारत ने T20 World Cup 2026 का खिताब जीता, लेकिन हाल के महीनों में उनकी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर सवाल उठे हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चयनकर्ता अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए कप्तान के विकल्प तलाश रहे हैं।
श्रेयस, संजू और हार्दिक भी रेस में
टीम इंडिया की कप्तानी की रेस सिर्फ ईशान किशन तक सीमित नहीं है। श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer), संजू सैमसन (Sanju Samson) और हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) जैसे खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में हैं। श्रेयस अय्यर ने IPL में शानदार कप्तानी की है, जबकि हार्दिक पांड्या पहले भी भारतीय टीम (Team India) की कमान संभाल चुके हैं।
लेकिन ईशान किशन की सबसे बड़ी ताकत उनकी युवा उम्र और मल्टी-रोल क्षमता मानी जा रही है। वह ओपनिंग कर सकते हैं, विकेटकीपिंग संभाल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मैच का रुख बदलने वाली बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।
चयनकर्ताओं की नजर भविष्य पर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड के खिलाफ आगामी T20 सीरीज के लिए टीम चुने जाने के दौरान कप्तानी पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। हालांकि अभी तक BCCI की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अगर ईशान किशन को भविष्य में कप्तानी मिलती है तो यह भारतीय क्रिकेट में एक नई और आक्रामक सोच की शुरुआत मानी जा सकती है।





