
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि E20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंच रहा है और माइलेज में गिरावट आ रही है। विशेष रूप से पुराने वाहनों के लिए इसे हानिकारक बताया जा रहा है। यूथ कांग्रेस ने मांग की है कि उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल वाले सामान्य पेट्रोल को भी खरीदने का स्पष्ट विकल्प मिलना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार ने इस नीति का पुरजोर बचाव किया है। सरकार का तर्क है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से भारत के कच्चे तेल के आयात बिल में भारी कटौती होती है, कार्बन उत्सर्जन घटता है और स्थानीय किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन से जुड़े अनसुलझे दावों को गैरवैज्ञानिक और भ्रामक करार दिया
इस विरोध के बीच नागपुर साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर शिकंजा कसा है। भारतीय न्याय संहिता के तहत कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर आरोप है कि वे E20 नीति के बारे में गलत जानकारी फैलाकर केंद्रीय मंत्री गडकरी को निशाना बना रहे थे।
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