Noida News: नोएडा के सेक्टर94 स्थित उत्तर प्रदेश की सबसे ऊंची इमारतों में शुमार ‘सुपरनोवा सोसाइटी’ अपनी भव्यता और ऊंचाई के लिए जितनी चर्चा में रहती है, अब वहां हो रही लगातार मौतों के कारण गंभीर सवालों के घेरे में है. शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम के मानेसर निवासी 35 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन ने स्पायरा टावर की 43वीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने एक बार फिर यह कड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सुपरनोवा सोसाइटी बारबार ऐसी खौफनाक घटनाओं का केंद्र क्यों बनती जा रही है?

3 अक्टूबर की सुबह सुपरनोवा सोसाइटी परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई, जब संभव जैन 43वें फ्लोर के एक फ्लैट की बालकनी की रेलिंग के बाहर लटकते दिखाई दिए. पास के ही एक फ्लैट में एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे टेक्नीशियन/कर्मचारियों ने जब उन्हें इस खतरनाक स्थिति में देखा, तो तुरंत बचाने के लिए दौड़ पड़े. कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और हाथ पकड़कर अंदर खींचने की हिम्मत भी दिखाई, लेकिन वे उन्हें बचा नहीं सके. कर्मचारियों के मुताबिक, छलांग लगाने से ठीक पहले संभव अत्यधिक मानसिक तनाव में दिख रहे थे.
3 करोड़ का कर्ज, तलाक और बीमार बच्चा
पुलिस की शुरुआती जांच और डिजिटल साक्ष्यों में संभव जैन की खुदकुशी के पीछे कई दर्दनाक और गंभीर कारण सामने आए हैं. चर्चा है कि संभव पर लगभग 3 करोड़ रुपये का भारी कर्ज था. हालांकि, पुलिस ने इस रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके मोबाइल में पिता से हुई बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं, जिसमें वे कर्ज चुकाने और वित्तीय तंगी की बात कर रहे थे.
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, संभव की शादी 2024 में हुई थी, लेकिन वैवाहिक विवाद के चलते तलाक हो गया था. उनका 1 साल का मासूम बेटा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था, जिसके इलाज पर करीब 35 लाख खर्च हो चुके थे. जांच में सामने आया कि संभव 3 दिन पहले घर से निकले थे और अलगअलग जगहों पर रुक रहे थे. शुक्रवार को ही उन्होंने सुपरनोवा में एक दिन के लिए शॉर्टटर्म रेंटल पर कमरा लिया था.
सुपरनोवा का खौफनाक इतिहास: 3 साल में 4 जिंदगियां खत्म
सुपरनोवा की बहुमंजिला इमारतों से गिरने या छलांग लगाने की यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले 3 सालों के भीतर यहां ऐसी कई दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं.
1. जनवरी 2023
दिल्ली के रहने वाले 43 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर रोहित कुमार की सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. वे संपत्ति देखने के सिलसिले में वहां पहुंचे थे. बाद में परिजनों ने उनके भारी मानसिक तनाव में होने की बात बताई थी.
2. जून 2023
केरल के रहने वाले 24 वर्षीय आईटी इंजीनियर अर्जुन की सुपरनोवा में स्थित होटल की 32वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई थी. पुलिस जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन निजी रिश्तों में चल रही अनबन को आत्महत्या की वजह माना गया था.
3. अगस्त 2025
दिल्ली निवासी 23 वर्षीय रवि अपनी एक महिला मित्र के साथ सुपरनोवा में रुका था. वो CCTV कैमरे में 33वीं मंजिल की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया और बाद में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने से मौत हो गई. परिजनों ने पारिवारिक विवाद की बात कही थी.
4. अक्टूबर 2026
गुरुग्राम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन ने 43वें फ्लोर से छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, जिसमें अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के कारण उनका शव दो हिस्सों में कट गया.
आखिर बारबार क्यों हो रही हैं ऐसी घटनाएं? सुरक्षा और रेंटल पॉलिसी पर उठे सवाल
हालांकि, पुलिस का मानना है कि इन सभी घटनाओं की एक ही वजह नहीं है. कहीं पारिवारिक विवाद, कहीं निजी रिश्तों में तनाव, तो कहीं कर्ज का आर्थिक बोझ कारण बना है. लेकिन, एक ही सोसाइटी परिसर में लगातार मौतों की पुनरावृत्ति ने हाईराइज सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है.
शॉर्टटर्म रेंटल और एयरबीएनबी : बाहरी लोग आसानी से एकदो दिन के लिए यहां कमरे किराए पर ले लेते हैं, जिससे बिना गहन वेरिफिकेशन के कोई भी व्यक्ति इतनी ऊंचाई तक पहुंच जाता है. हाल ही में यहां नई टेनेंसी पॉलिसी लागू कर हॉस्टल, पीजी और Airbnb गतिविधियों पर सख्ती तथा पुलिस वेरिफिकेशन पर जोर दिया गया है.
बालकनी और कॉमन एरिया सेफ्टी: इतनी विशाल इमारतों में बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई, सेफ्टी नेट्स और कॉमन एरिया/ऊंचे फ्लोर्स तक अनजान व्यक्तियों की सीधी पहुंच को रोकने के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं हैं?
मानसिक संकट और अर्ली इंटरवेंशन: ये घटना सिर्फ एक आत्महत्या की खबर नहीं है, बल्कि यह सवाल भी छोड़ती है कि इतनी बड़ी हाईराइज इमारतों में मानसिक तनाव या संकट से जूझ रहे लोगों की पहचान और समय पर पुलिस/सुरक्षा गार्ड्स द्वारा हस्तक्षेप के लिए क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया मौजूद है?