राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में बैन परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाओं, स्टेरॉयड और एक्सपायरी हेल्थ सप्लीमेंट्स के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है. इस छापेमारी में सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर्स, FSSAI की नॉर्दर्न रीजनल टीम और दिल्ली पुलिस शामिल रही. इस कार्रवाई के बाद से अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई NADA से मिली हाई अलर्ट सूचना के बाद नजफगढ़ स्थित M/s Gaurav Vats Nutrition पर की गई, जिसे गौरव वत्स नाम का व्यक्ति चला रहा था. जांच में पता चला कि ये कारोबार जरूरी लाइसेंस के बिना चलाया जा रहा था.
अधिकारी के हवाले से यह भी पता चला है कि छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 2800 कैप्सूल और टैबलेट्स के साथ 11 इंजेक्शन यूनिट्स बरामद किए. इनमें एनाबॉलिक स्टेरॉयड, मेथेनोलोन एनंथेट, ट्रेनबोलोन, स्टैनोजोलोल, 300 मेथैंडियेनोन टैबलेट्स, 850 ऑक्सेंड्रोलोन टैबलेट्स, 1,500 SARMs कैप्सूल और एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट इंजेक्शन शामिल है. बरामद दवाओं को स्टेट ड्रग कंट्रोल विभाग ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
यह भी बताया गया है कि छापेमारी में FSSAI अधिकारियों ने 45 किलो एक्सपायरी गेनर और व्हे प्रोटीन भी बरामद किया, जबकि 85 किलो प्रोटीन और क्रिएटिन को जांच के लिए रोका गया है. अधिकारियों के मुताबिक बिना वैध लाइसेंस सप्लीमेंट्स बेचे जा रहे थे और एक्सपायरी सामान भी स्टोर किया गया था.
इस मामले में फूड सेफ्टी कानूनों के तहत अलग से कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अवैध सप्लीमेंट्स और ड्रग्स खिलाड़ियों, युवाओं और आम लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है. इसलिए आगे भी ऐसे कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी





