दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों को देखते हुए व्यापारिक संगठनों ने कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है. व्यापारियों का कहना है कि अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक त्योहारी और शादीब्याह का सीजन कारोबार के लिहाज से बेहद अहम है. ऐसे में अगर प्रदर्शनों, सड़क जाम और यातायात प्रतिबंधों के कारण बाजार बंद रहते हैं तो व्यापार को बड़ा नुकसान हो सकता है. व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक, प्रमुख बाजारों में रोजाना करीब 250 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है, जबकि दिल्ली में प्रतिदिन कुल व्यापार 500 से 600 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है.

इसी बीच, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कनॉट प्लेस के दुकानदारों, रेस्टोरेंट संचालकों और कार्यालयों को 10 अक्टूबर 2026 को एहतियातन बंद रखने की सलाह दी है. एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव की ओर से 9 अक्टूबर को जारी सर्कुलर में अधिकारियों की सलाह और कनॉट प्लेस के आसपास की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाने की बात कही गई है. एसोसिएशन ने प्रतिष्ठान संचालकों से किसी भी अप्रिय घटना, संपत्ति के नुकसान और लोगों को चोट लगने की आशंका से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है.
त्योहारी सीजन में कारोबार प्रभावित होने की आशंका
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने विरोध प्रदर्शनों की योजना इस तरह बनाएं कि बाजारों में कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो. उन्होंने कहा कि नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा, क्रिसमस, नववर्ष और शादीब्याह के आयोजनों के कारण अक्टूबर से जनवरी तक बाजारों में खरीदारी काफी बढ़ जाती है.
व्यापारियों के मुताबिक, इस दौरान चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस और पुरानी व नई दिल्ली के दूसरे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर सीधा असर पड़ सकता है. इसका नुकसान केवल दुकानदारों को नहीं, बल्कि कर्मचारियों, छोटे कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों, सप्लायर और अन्य सेवाओं को भी उठाना पड़ सकता है.
दिल्ली में 10 लाख से ज्यादा व्यापारिक प्रतिष्ठान
व्यापारिक संगठनों के अनुसार, दिल्ली में 10 लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, जिनसे एक करोड़ से ज्यादा लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है. देश के अलगअलग राज्यों से रोजाना करीब 5 लाख व्यापारी कारोबार के सिलसिले में दिल्ली आते हैं. ऐसे में बाजारों और प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित होने का असर दिल्ली के साथसाथ दूसरे राज्यों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
प्रदर्शनों के लिए तय जगह बनाने की मांग
व्यापारिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और धरने के लिए ऐसे स्थान तय किए जाएं, जहां से व्यापार, परिवहन और आम जनजीवन प्रभावित न हो. उन्होंने राजनीतिक दलों से भी कहा है कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत प्रदर्शन जरूर करें, लेकिन उन्हें निर्धारित स्थानों और सीमित समय तक रखें, ताकि व्यापारी और ग्राहक आसानी से बाजारों तक पहुंच सकें.
इस मांग का समर्थन नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट्स एसोसिएशन, दिल्ली ड्रग डीलर्स एसोसिएशन, क्लॉथ मार्केट फतेहपुरी, दिल्ली इलेक्ट्रिकल मर्चेंट्स एसोसिएशन और अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने किया है.
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन इनके कारण लाखों लोगों की आजीविका और रोजाना होने वाले करोड़ों रुपये के कारोबार पर असर नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से त्योहारी सीजन में व्यापारिक गतिविधियों और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखने की अपील की है.