हमारे घर की रसोई में ऐसी की चीजें मौजूद है जो डेली रूटीन में होने वाली छोटी-छोटी सेहत से जुड़ी दिक्कतों का इलाज हैं. दादी-नानी इन इनग्रेडिएंट्स के गुणों को बखूबी समझती थीं और यही वजह थी कि वो उल्टी-मितली से लेकर जुकाम-खांसी और डाइजेशन दुरुस्त रखने तक के लिए की नुस्खे तैयार करती थीं. ये नुस्खे कारगर भी होते हैं और नुकसान होने की संभावना भी बहुत कम होती है.

मसल्स में दर्द है या सिरदर्द हो रहा है तो एक टेबलेट खा ली, लेकिन ये आदत आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. हर छोटी बात पर पेनकिलर लेना सही नहीं माना जाता है. तो चलिए जान लेते हैं ऐसे 5 पुराने नुस्खों के बारे में जो जरूरत पड़ने पर आपके काफी काम आएंगे.
पेट में गैस होने पर क्या करें?
अगर खाना खाने के बाद पेट बहुत ज्यादा भारी लगे या फिर गैस की समस्या हो जाए तो इसके लिए थोड़ा सा मेथी दाना, सौंफ, और अजवाइन को हल्का रोस्ट करें. इसे पीसकर पाउडर बना लें. इसमें काला नमक मिलाएं और इस चूर्ण को थोड़े से गुनगुने पानी के साथ लें. हींग भी डाइजेशन को इंप्रूव करने और गैस की समस्या से राहत दिलाने में मदद करती है.
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बच्चों के लिए देसी नुस्खे
घर में छोटा बेबी है और उसको जुकाम हो गया है. इस वजह से नाक बार-बार बंद हो जाती है, जो कई बार दवा देने के बाद भी परेशान करती है. अजवाइन को भून लें और इसे हल्के कपड़े में बांधकर पोटली बना लें. इसे आप बच्चे को सुंघाते रहें. इससे नाक खुल जाती है. इसके अलावा अगर बच्चे को सर्दी जकड़ी हुई है और सही से मल त्याग भी नहीं हो रहा है तो अजवाइन और पान को उबाल लें. इस पानी को छानकर दिन में दो बार आधा-आधा चम्मच देना चाहिए. ध्यान रखें कि अगर लूज मोशन हैं तो इसे बच्चे को देने से बचें.
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दांत दर्द होने पर क्या करें?
अक्सर दांत में दर्द ऐसे टाइम पर होता है जब आप मेडिकल स्टोर पर जाकर दवा नहीं ला सकते हैं. अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हो तो गुनगुने पानी में नमक डालकर इसे कुछ देर मुंह में होल्ड करें और फिर कुल्ला कर दें. इसी तरह से इस प्रोसेस को तीन से चार बार करें. इसके अलावा आप रुई में थोड़ा सा कपूर लपेटकर इसे दांत के नीचे रख सकते हैं. लौंग को पीसकर इसका पाउडर भी दांत के नीचे रखने से दर्द से राहत मिलती है.
मितली-उल्टी में क्या करें?
किसी को अगर मितली हो रही हो जैसे मॉर्निंग सिकनेस तो आप उसे आधा चम्मच सौंफ चबाने को दे सकते हैं. इसके अलावा नींबू पानी दिया जा सकता है या फिर नींबू को काले नमक के साथ चाटना चाहिए. इसके अलावा पुदीना को पानी में उबालकर इसे ठंडा करके पीने से मितली और उल्टी से राहत मिलती है. अगर उल्टी की समस्या बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
जुकाम-खांसी-खराश से राहत
अगर आपको जुकाम हो जाए तो इसका सिंपल तरीका है कि आप गर्म पानी की भाप लें. खराश हो जाए तो नमक के गुनगुने पानी से गरारे करने से राहत मिलती है. रात में अगर अचानक खांसी आने लगे तो लौंग को दांत के नीचे दबा लें. इसे हल्के-हल्के चूसते रहें. इससे बार-बार खांसी नहीं आती है. जुकाम-खांसी होने पर भुनी हल्दी को गुनगुने दूध के साथ लेने से इसमें राहत मिलती है.





