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तेल संकट और एक्स्ट्रा चार्ज के चलते धड़ाम हुआ BPCL का मुनाफा, आई भारी गिरावट

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने मार्च तिमाही के अपने नतीजे जारी किए, जिसमें उसका शुद्ध लाभ साल-दर-साल आधार पर मामूली रूप से 1 फीसदी घटकर 3,191 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 3,214 करोड़ रुपए था. हालांकि, क्रमिक आधार पर लाभ में 57.7 फीसदी की भारी गिरावट आई. इसकी मुख्य वजह असाधारण मदों (exceptional items) में हुई भारी बढ़ोतरी थी, जो उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अपस्ट्रीम सहायक कंपनी, भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड से संबंधित ‘इम्पेयरमेंट लॉस’ (मूल्यह्रास हानि) के कारण हुई.

तेल संकट और एक्स्ट्रा चार्ज के चलते धड़ाम हुआ BPCL का मुनाफा, आई भारी गिरावट
तेल संकट और एक्स्ट्रा चार्ज के चलते धड़ाम हुआ BPCL का मुनाफा, आई भारी गिरावट

इस बीच, रिपोर्टिंग तिमाही के दौरान ऑपरेशनल से होने वाला रेवेन्यू एक साल पहले के 1,26,864 करोड़ से बढ़कर 1,34,896 करोड़ रुपए हो गया, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 1.2 फीसदी की नरमी आई. EBITDA तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 13.8 फीसदी घटकर 10,061 करोड़ रह गया, और मार्जिन 100 आधार अंक घटकर 8.5 फीसदी पर आ गया.

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एलपीजी से उठाना पड़ा नुकसान

इसकी रिफाइनरी थ्रूपुट (प्रसंस्करण क्षमता का उपयोग) 10.40 MMT रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 10.58 MMT से कम थी. वहीं घरेलू बिक्री 13.86 MMT रही, जिसमें साल-दर-साल आधार पर 3.28 फीसदी की मामूली वृद्धि दर्ज की गई. कंपनी ने बताया कि उसे घरेलू LPG सिलेंडरों की बिक्री पर लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि सेल्स वैल्यू रियल कॉस्ट से कम बने हुए हैं. HPCL और IOCL, दोनों ने ही मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और ईंधन की स्थिर मांग के चलते अपनी तिमाही लाभ में वृद्धि दर्ज की. विश्लेषकों को उम्मीद थी कि तेल विपणन कंपनियां (OMCs) चौथी तिमाही में रिफाइनिंग मार्जिन में उछाल दर्ज करेंगी, जिसकी मुख्य वजह ‘प्रोडक्ट क्रैक्स’ (परिष्कृत उत्पादों और कच्चे तेल की कीमतों का अंतर) में वृद्धि और ‘इन्वेंट्री गेन्स’ (स्टॉक के मूल्य में वृद्धि से होने वाला लाभ) होंगे.

कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा

हालांकि, क्षमता के आधार पर भारत की तीसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनर कंपनी BPCL ने चौथी तिमाही या वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने औसत ‘ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन’ (सकल रिफाइनिंग मार्जिन) का खुलासा नहीं किया. यदि रिफाइनर सस्ते दाम पर कच्चा तेल खरीदने के बाद उसकी कीमतें बढ़ जाती हैं, तो उनके पास मौजूद स्टॉक (इन्वेंट्री) का मूल्य बढ़ जाता है. जनवरी-मार्च की अवधि के दौरान वैश्विक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 94 फीसदी की वृद्धि हुई. इसकी मुख्य वजह आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताएं थीं, जो फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष के कारण उत्पन्न हुई.

सालाना प्रॉफिट में जबरदस्त इजाफा

इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले से हुई थी. इसके जवाब में तेहरान ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की, जिसके चलते ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया. इसी स्ट्रेट से होकर भारत और दुनिया के अधिकांश हिस्सों में तेल और गैस की आपूर्ति होती है. पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 के लिए, BPCL ने ऑपरेशन्स से 5.22 लाख करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बताया, जबकि FY25 में यह 5 लाख करोड़ रुपए था. वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले फाइनेंशियल ईयर के 13,275 करोड़ रुपए से तेजी से बढ़कर 23,303 करोड़ रुपए हो गया.

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