चार दशक पहले अनुपम खेर ने ‘सारांश’ में 27 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया था। उनके इस किरदार ने लोगों को खूब प्रभावित किया था। इससे पहले महेश भट्ट उन्हें एक फिल्म से बाहर कर चुके थे। उस वक्त का किस्सा शेयर करते हुए अनुपम खेर ने हाल ही में एक खुलासा किया है।

हाल ही में एक इवेंट में अभिनेता ने खुलासा किया कि कैसे उन्हें अपनी डेब्यू फिल्म से बाहर कर दिया गया था और फिर गुस्से में महेश भट्ट के घर जाकर उन्होंने उन्हें खरी-खोटी सुनाई थी।
पिछले साल जगरण फिल्म फेस्टिवल में बातचीत के दौरान अनुपम खेर ने बताया कि ‘सारांश’ की शूटिंग शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले उन्हें फिल्म से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा, “मैं 27 साल का था जब महेश भट्ट साहब ने मुझे मेरी पहली फिल्म की कहानी सुनाई। 28 साल का होने तक मैंने इस फिल्म के लिए करीब 6 महीने तक रिहर्सल की। मुझे 65 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाना था। लेकिन शूटिंग शुरू होने से 10 दिन पहले मुझे फिल्म से निकाल दिया गया, क्योंकि वे एक बड़े अभिनेता संजीव कुमार को कास्ट करना चाहते थे। उन्हें लगा कि यह व्यावसायिक रूप से ज्यादा सही फैसला होगा।”
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उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपना सारा सामान पैक कर लिया और मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया। छह महीने से महेश भट्ट मुझे कह रहे थे कि मैं फिल्म का मुख्य किरदार निभा रहा हूं, मैंने इतनी मेहनत की थी। और फिर शूटिंग से 10 दिन पहले मुझे बाहर कर दिया गया! मैं वीटी स्टेशन (विक्टोरिया टर्मिनस) की ओर निकल पड़ा। लेकिन जाने से पहले मैंने सोचा कि भट्ट साहब को बता दूं कि मैं उनके बारे में क्या सोचता हूं। अब खोने के लिए कुछ बचा नहीं था।”
दिल टूटने और शहर छोड़ने का फैसला करने के बाद अनुपम खेर महेश भट्ट के घर पहुंचे और उनसे सीधे सवाल किया। अभिनेता ने बताया, “मैं उनके घर गया, लेकिन लिफ्ट काम नहीं कर रही थी। वह छठी मंजिल पर रहते थे। मैं बहुत गुस्से में था, इसलिए सीढ़ियां चढ़ गया। भट्ट साहब ने कहा कि मैं फिल्म में दूसरा छोटा रोल कर सकता हूं। मैंने उनसे कहा कि मेरी टैक्सी नीचे इंतजार कर रही है और मैं मुंबई छोड़कर जा रहा हूं, लेकिन उससे पहले आपको बताना चाहता हूं कि आप दुनिया के सबसे बड़े ‘फ्रॉड’ और ‘चीट’ हैं। मैंने कहा, ‘आप ईमानदारी पर फिल्म बना रहे हैं और खुद ईमानदार नहीं हैं।’”
अनुपम खेर ने बताया कि गुस्से में उन्होंने आखिर में महेश भट्ट को “श्राप” तक दे दिया था। उन्होंने कहा, “मैं बहुत रो रहा था क्योंकि मैं बेहद दुखी और तनाव में था। फिर मैंने सोचा कि जाते-जाते कुछ दमदार बात कहूं। उस वक्त मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैंने कह दिया, ‘मैं आपको श्राप देता हूं।’ मेरा यह रूप देखकर उन्होंने तुरंत राजश्री प्रोडक्शंस से बात की और मुझे फिर से वही रोल मिल गया।”
सारांश का निर्देशन और लेखन महेश भट्ट ने किया था। यह अनुपम खेर की पहली फिल्म थी और 1985 के ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री भी बनी थी।
वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर आखिरी बार अपनी निर्देशित फिल्म तन्वी: द ग्रेट में नजर आए थे। अब वह खोसला का घोसला 2 और द इंडिया हाउस में दिखाई देंगे।





