अमेरिका एवं ईरान और इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ऐलान किया था. इससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अमेरिका की नाकाबंदी से नाराज ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने करने का ऐलान कर यू-टर्न लिया है. ईरान की IRGC ने दुनिया को चौंकाते हुए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया यानी 18 घंटे के अंदर होर्मुज पर फिर से लॉकडाउन लग गया है.

ईरान के इस यू-टर्न के बाद अब ट्रंप के सामने क्या विकल्प बचा है? क्या ट्रंप ईरान की नई शर्तों के सामने झुकेंगे या तेहरान पर बमबारी का राउंड टू शुरू करेंगे. ईरान के इस फैसले के बाद खाड़ी से तीसरे विश्व युद्ध का अलार्म सुनाई दे रहा है.
लेकिन अब दूसरा सवाल उस शांति वार्ता को लेकर भी उठ रहा है, जिसके सोमवार को इस्लामाबाद में होने के कयास लगाए जा रहे थे. क्या दूसरे राउंड की शांति वार्ता अब नहीं होगी? क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता नाकाम होगी? क्या ईरान-अमेरिका दोनों के अड़ियल रुख से समंदर में बारूद का बवंडर उठेगा? ये सवाल उठ रहे हैं.
होर्मुज को फिर बंद करने की क्या वजह?
ईरान ने को फिर से बंद के पीछे क्या वजहें बताई हैं? ईरान में केंद्रीय सैन्य कमान है. उस कमान ने ही आज होर्मुज को फिर से बंद करने की घोषणा की. उसने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा पूरा कंट्रोल है और अब दोबारा से वहां सख्त प्रबंधन किया जाएगा. सैन्य कमान की ओर से ये बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि वॉशिंगटन ने ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखकर अपना वादा तोड़ा है. जब तक अमेरिका ईरान आने वाले सभी जहाजों के लिए आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल नहीं कर देता, तब-तक ईरान होर्मुज को नहीं खोलेगा.
ईरानी सैन्य कमान के अलावा, ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी होर्मुज बंद होने को लेकर बयान जारी किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम जानते हैं अमेरिका हमला करेगा, लेकिन हम दुश्मन जहाजों को होर्मुज इस्तेमाल नहीं करने देंगे.
अरागची ने होर्मुज खोलने का किया था ऐलान
असल में कल ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी थी कि ईरान लेबनान में हुए सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोल रहा है. अरागची के इस बयान के कुछ वक्त बाद ही ट्रंप ने अमेरिका से एक बयान दिया, जो ईरान को कतई पसंद नहीं आया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान
के सभी पोर्ट्स पर सैन्य नाकाबंदी तब तक जारी रखेगा, जब तक ईरान अमेरिकी शर्तों पर समझौता नहीं कर लेता. ट्रंप ने इसके अलावा ईरानी यूरेनियम को लेकर बमबारी की धमकी दी, जिसके बाद युद्ध की सुलझ रही डोर फिर से उलझ गई. दोनों देशों में तनाव बढ़ गया.ट्रंप के इसी बयान के बाद ईरान का रुख बदल गया और उसने आज होर्मुज को फिर से बंद करने का फरमान सुना दिया.
होर्मुज में फिर बरसने लगीं गोलियां
ईरान ने होर्मुज को बंद करने की घोषणा के साथ ही वहां एक्शन दिखाना भी शुरू कर दिया. होर्मुज लॉकडाउन के साथ ही वहां गोलियां चलने की आवाजें सुनाई देने लगीं. जैसे ही ईरान की सेना ने होर्मुज को फिर से लॉक किया, वैसे ही वहां तैनात जवान एक्शन में आ गए और
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सख्त निगरानी करने लगे. इसी दौरान IRGC ने तेल टैंकर पर फायरिंग की. एक तेल टैंकर और एक शिप पर फायरिंग की खबरें आईं. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज को IRGC की नौसेना से इजाजत लेनी होगी, जो आदेश नहीं मानेगा, उस को सजा दी जाएगी.
वैसे, इस बारे में शाम को खबर ये आई कि ईरानी नेवी ने एक भारतीय जहाज पर गोली चलाई थी. इस मुद्दे पर MEA ने ईरानी राजदूत को समन किया. समन करके भारत सरकार ने भारतीय टैंकर पर हमले का विरोध जताया.
20 जहाजों को वापस लौटाया
वहीं एक बड़ी खबर ये भी है कि होर्मुज बंद करने के बाद IRGC की नौसेना ने आज ही वहां से 20 जहाजों को वापस लौटाया है. एहतियात के तौर पर बाकी के जहाज भी वहां से वापस लौट रहे हैं. कमर्शियल जहाजों को मिले ईरान की तरफ से रेडियो संदेश भेजकर होर्मुज से दूर रहने की चेतावनी भी दी जा रही है. होर्मुज में इस समय 670 से ज्यादा कमर्शियल जहाज फंसे हुए हैं.
होर्मुज दोबारा लॉक होने के बाद US युद्धपोत भी स्ट्रेट के करीब जाने से बच रहे हैं. उन पर ईरान की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमलों का डर है. अमेरिकी नेवी ओमान सागर से ही होर्मुज की नाकाबंदी की जिम्मेदारी संभाल रही है. ओमान और अरब सागर से नाकाबंदी की निगरानी हो रही है.
होर्मुज बंद करने के क्या होंगे नतीजे?
ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया..लेकिन अब इसके नतीजे क्या क्या हो सकते हैं? पहला तो आर्थिक है, जिसका भारी नुकसान दुनिया को उठाना पड़ सकता है, क्योंकि कल जब ईरान ने ये ऐलान किया था कि वो होर्मुज को पूरी तरह से खोलने जा रहा है, तब कच्चे तेल के दाम में अचानक से 11% की भारी गिरावट दर्ज की गई थी,.लेकिन अब जबकि ईरान ने फिर से होर्मुज को बंद कर दिया है तो तेल का संकट गहरा सकता है. ऐसे में तेल के दाम रॉकेट बन सकते हैं, जिसका भयानक असर दुनिया पर पड़ सकता है.
ईरान के इस कड़े फैसले से ट्रंप को दोबारा हमला करने का बहाना मिल सकता है. ट्रंप कह भी चुके हैं कि ईरान ने डील नहीं की तो अमेरिका फिर से तेहरान पर बमबारी करेगा. ट्रंप ने साथ में ये भी कहा था कि सीजफायर की तारीख अब आगे नहीं बढ़ेगी..ईरान के पास सिर्फ बुधवार तक का समय है, इसके बाद अमेरिका एक्शन लेगा
लेकिन, तब तक ईरानी पोर्ट्स से अमेरिकी ब्लॉकेड नहीं हटा तो ईरान भी चुप नहीं बैठेगा. वो अपनी पुरानी चेतावनी पर आगे बढ़ेगा और अमेरिका के मददगार खाड़ी देशों के पोर्ट को निशाने पर लेगा, जिसके बाद, ईरान-अमेरिका में ये तनाव महायुद्ध की शक्ल भी ले सकता है. इसकी चपेट में पूरा पश्चिमी एशिया आ सकता है.
ब्यूरो रिपोर्ट, टीवी9 भारतवर्ष
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