तालियां बजती रहीं, लोग मुस्कुराते रहे… लेकिन एक कलाकार के अंदर कितनी खमोशी होती है, यह बात 1970 में आई की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के मशहूर गाने ‘जीना यहां मरना यहां’ को सुनकर समझ आती है। यह गाना एक कलाकार की जिंदगी को काफी करीब से दिखाता है। कलाकार, जो लोगों को हंसाने, गुदगुदाने के लिए अलग अलग किरदारों में दिखाई देते है लेकिन उनके भीतर की जिंदगी क्या है यह कोई नहीं जानता।

बॉलीवुड के ‘शोमैन’ कहलाए जाने वाले एक्टर राज कपूर की फिल्म ‘‘ भले ही बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई हो लेकिन यह गाना उन शानदार और सदाबहार गानों में से एक है जो कभी भुलाए नहीं जाते और ना ही इनकी योग्यता कभी कम होती है। इस गाने के बोल लिरिसिस्ट शैलेंद्र और शैली ने लिखे, संगीत दिया शंकर जयकिशन ने और आवाज दी मुकेश ने।
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यह फिल्म राज कपूर के लिए काफी खास थी और उतना ही खास था यह गाना। ‘मेरा नाम जोकर’ फिल्म को बनाने के लिए एक्टर ने अपनी काफी जमा पूंजी इसमें लगा दी थी। इतना ही नहीं काफी चीजें गिरवी भी रखी थी। फिल्म में राज कपूर ने एक जोकर का किरदार निभाया था जो अपनी जिंदगी के अलग अलग पड़ाव में तीन लड़कियों से प्यार करता है लेकिन वह प्यार कभी पूरा नहीं होता।
यह फिल्म बड़े पर्दे पर भले ही बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी लेकिन फिल्म का यह गाना एक एवरग्रीन गाना बन गया। समय के साथ बाद में फिल्म भी बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक फिल्मों में शुमार हो गई।
‘मेरा नाम जोकर’ में छिपा कलाकार का दर्द
यह गाना एक कलाकार की अकेली और संघर्ष भरी जिंदगी को बखूबी दिखाता है। एक कलाकार अपने जीवन में इतने किरदार निभाता है कि लोग उसके असल किरदार से कभी मिल ही नहीं पाते और वह कलाकार भी वैसे ही जीना पसंद करने लगता है। दूर से देखने पर दिखाई देती है चकाचौंध से भरी वह दुनिया जिसका हिस्सा बनने का सपना सब देखते है लेकिन उसकी गहराइयों में उतरकर कोई उस अकेलेपन को नहीं समझता।
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‘जीना यहां मरना यहां’ सिर्फ गाना नहीं, एक एहसास है
इस गाने को अगर सिर्फ एक गीत ना बोलकर एक एहसास बोला जाए, तो गलत नहीं होगा। यह गाना आज भी कलाकारों और आम लोगों के दिल की गहराई को छू जाता है। यह गाना आपको बताता है कि एक इंसान को अपनी जिंदगी कैसे जीनी है ये वहीं तय करता है। आप चाहो तो रोज उदास या परेशान रह कर जी सकते हो या दूसरी तरफ आपकी मर्जी है कि आप हर दिन को अपने आखिरी दिन की तरह बेहद खुशी के साथ जीना चाहते हो। वैसे तो हर शख्स इस दुनिया में एक किरदार निभा रहा है लेकिन अगर एक दिन यह किरदार खत्म होना ही है तो क्यों ना रोज इसे एक जीत की तरह जिया जाए। यह गाना हमें यह सिखाता है।
लोगों को हंसाने वाला इंसान अंदर से कितना टूटा होता है
यह गाना कलाकार की उस सच्चाई को समझाता है जिसे अक्सर दर्शक देख नहीं पाते। जैसे इस गाने के बोल है कि ये ‘मेरा गीत, जीवन संगीत, कल भी कोई दोहराएगा, जग को हंसाने कोई भहरुपिया रूप बदल फिर आएगा’। यह लाइन बताती है कि आज मैं हूं इस किरदार में, कल कोई और होगा। इस बात से हर कलाकार भी वाकिफ होता है।
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यही वजह है कि हर एक्टर हर समय में योग्य रहना चाहता है, रेलेवेंट रहना चाहता है लेकिन कलाकारों की दुनिया का गहरा सच यही है कि ऐसा बहुत कम होता है। साथ ही अपनी दिखावटी दुनिया से परे एक कलाकार कैसा है, क्या यह कोई जानना चाहता है। अगर कोई जानना भी चाहे तो वह कलाकार खुलकर अपनी वह साइड दिखा ही नहीं पाता। इसलिए यह गाना कहता है कि खुलकर जियो।
फ्लॉप फिल्म, लेकिन अमर कहानी
राज कपूर ने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में हिंदी सिनेमा को दी है। बतौर एक्टर, डायरेक्टर और निर्माता की तरह यहां काम किया है। उस समय में हिंदी सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने वाले राज कपूर ही थे। ‘मेरा नाम जोकर’ फिल्म को भले ही भारत में उस समय पसंद नहीं किया गया था। इसके बावजूद इस फिल्म को रूस में काफी प्यार मिला था।
यह बहुत बड़े बजट की फिल्म थी लेकिन एक मल्टीस्टारर फिल्म होने के बाद भी यह फिल्म उस वक्त की सबसे बड़ी फ्लॉप हुई। लेकिन यह गाना एक छाप सी छोड़ गया। शायद कुछ कहानियां ही ऐसी होती है जो वर्तमान समय से आगे की कहानी कहती है इसलिए बाद में वो कहानियां कल्ट बन जाती है। ‘मेरा नाम जोकर’ उन्हीं फिल्मों में से एक है। जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई लेकिन कहानी उसकी अमर हो गई और आज हिंदी सिनेमा की सबसे खास फिल्मों में शामिल है।
राज कपूर ने क्यों कहा था इसे अपनी सबसे करीब फिल्म
इस फिल्म की कहानी राज कपूर के जीवन की सबसे महत्वकांशी कहानियों में से थी। वह इस फिल्म को अपनी सबसे करीबी फिल्म मानते थे क्योंकि यह उनके जीवन के वास्तविक अनुभवों, उनकी प्रेम कहानियों और एक ऐसे कलाकार के गहरे दर्द पर आधारित थी जो निजी समस्याओं के बावजूद दुनिया को हंसाता है। राज कपूर असल जिंदगी में भी ऐसे ही थे। ऐसे ही अपना जीवन जीना पसंद करते थे।
साल 2025 में नेटफ्लिक्स पर राज कपूर के 100 साल पूरे होने की खुशी में एक एक्सक्लूसिव डॉक्यूमेंट्री आई। जिसका नाम था- ‘डाइनिंग विद द कपूर’ जिसमें कपूर खानदान नजर आया था। वहां करीना कपूर खान ने भी राज कपूर के जिंदगी जीने के सलीके के बारे में बात करते हुए यहीं गाना गाया था। जीना यहां मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां….





