उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कभी माफिया अतीक अहमद के रसूख और दबंगई के लिए चर्चित रहा चकिया अब विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है. जिस जमीन पर कभी अतीक अहमद के डर से कोई आंख भी नहीं उठाता था, उसी जमीन पर अब जरूरतमंद परिवारों के लिए आधुनिक आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 अक्टूबर को यहां प्रस्तावित पद्मलोक आवासीय परियोजना का भूमि पूजन करेंगे.

इस परियोजना के तहत 602 फ्लैटों का निर्माण किया जाना है. मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पीडीए के सचिव विनीत कुमार सिंह ने खुद मौका मुआयना कर परियोजना से जुड़ी तैयारियों का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सीएम के इस कार्यक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है.
14 मंजिल बनेगी इमारत
लगभग 9,811.35 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाली इस परियोजना में 14 मंजिला इमारत प्रस्तावित है. इसमें कुल 602 फ्लैट बनाए जाएंगे. प्रत्येक फ्लैट दो बेडरूम, हॉल और किचन की सुविधा वाला होगा, जिसका क्षेत्रफल 56.45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है. एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 27 लाख रुपये बताई जा रही है. परियोजना में सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं जैसे पार्किंग, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और सोलर सिस्टम जैसी व्यवस्था भी प्रस्तावित है. इसके अलावा स्विमिंग पूल, कम्युनिटी हॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं भी होंगी.
बदलाव का प्रतीक बनेगी योजना
चकिया की इस परियोजना को महज एक आवासीय योजना के तौर पर नहीं, बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है. लंबे समय तक माफिया के प्रभाव में रही इस जमीन पर जरूरतमंद परिवारों के लिए घर बनाने की तैयारी है. सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई और अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई जमीनों के जनहित में उपयोग को लेकर लगातार अपनी नीति पर जोर देती रही है. ऐसे में पद्मलोक आवासीय परियोजना को गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.