सोमवार, 20 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
बैंकिंग दिग्गजों पर क्यों टूटा बिकवाली का पहाड़? HDFC, कोटक और एक्सिस बैंक के डूबे 1 लाख करोड़​ | क्या है ‘फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर’, जिसे डॉक्टर्स ने माना नई बीमारी; बन सकता है डायबिटीज और कैंसर की वजह​ | CJP Protest: अभिजीत दिपके ने ढाई दिन बाद तोड़ा अनशन, प्रदर्शनकारी विजय चौक तक पहुंचे, पुलिस से झड़प, संसद भवन के गेट बंद किए गए​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

चाहते थे कश्मीर, ‘आजाद’ हो गया बलूचिस्तान​

Why Free Balochistan Matters to Pakistan: पाकिस्तान बातें कितनी भी हांकता रहे, इस वक्त उसके अंदरूनी हालात किसी से छिपे नहीं. ये देश दो मोर्चों पर गंभीर संकट का सामना कर रहा है. एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आर्थिक मुद्दों और राजनीतिक अधिकारों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ […]

Why Free Balochistan Matters to Pakistan: पाकिस्तान बातें कितनी भी हांकता रहे, इस वक्त उसके अंदरूनी हालात किसी से छिपे नहीं. ये देश दो मोर्चों पर गंभीर संकट का सामना कर रहा है. एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आर्थिक मुद्दों और राजनीतिक अधिकारों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ बलूचिस्तान में अलगाववाद की आग तेज हो गई है. लंबे समय से पाकिस्तानी हुकूमत से खुद को अलग मान रहे बलूचिस्तान ने आजादी घोषित करने का दावा किया है, जो पाकिस्तान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. सीधे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान का उस पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया, वो खुद एक अलग मुल्क मान रहा है.

अब मुद्दा ये है कि बलूचिस्तान की ये घोषण क्यों इस्लामाबाद के लिए इस वक्त इतना मायने रखती है? दरअसल PoK में पिछले कई महीनों से लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. बढ़ती महंगाई, बिजली के दाम, गेहूंआटे की कमी और स्थानीय राजनीतिक अधिकारों की मांग मुख्य मुद्दे हैं. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में 2026 में बड़े प्रदर्शन हुए, जिनमें हिंसक झड़पें भी हुईं. इसी बीच बलूचिस्तान में स्थिति और गंभीर है. 17 जुलाई को मस्तुंग के पास बालोच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सुरक्षा काफिले पर हमला किया और 45 सैनिक मार गिराये. उसी दिन 5 आम नागरिकों की मौत हुई और 11 घायल हुए. रॉयटर्स के मुताबिक जुलाई के पहले सप्ताह में बलोचिस्तान में 42 सुरक्षा कर्मी मारे गए.

चीन का प्रोजेक्ट ही आ जाएगा खतरे में
CPEC चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है. ग्वादर पोर्ट, सड़कें, ऊर्जा परियोजनाएं और चीन के कर्मचारी तक बलोचिस्तान में हैं. बढ़ते हमलों से सुरक्षा खर्च बढ़ रहा है, निर्माण कार्य रुक रहे हैं और चीनी कर्मचारियों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है. अगर पाकिस्तान बलोचिस्तान पर नियंत्रण खोता है, तो चीन का अरब सागर तक का सपना कमजोर पड़ सकता है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY