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ग्लोबल संकट पर भारी पड़ी भारत की डिमांड! अप्रैल में GST और कार सेल्स ने तोड़े सारे रिकॉर्ड – khabarmonkey.com
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ग्लोबल संकट पर भारी पड़ी भारत की डिमांड! अप्रैल में GST और कार सेल्स ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

भारत की कंजंप्शन बेस्ड इकोनॉमी ने नए वित्त वर्ष में जोरदार शुरुआत की है. अप्रैल में गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं दूसरी ओर पैसेंजर कारों की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया. इस तेजी ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण इकोनॉमी पर पड़ रहे नकारात्मक असर को पीछे छोड़ दिया. अप्रैल में कुल GST कलेक्शन 8.7 फीसदी बढ़कर 2.43 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले साल अप्रैल में जमा हुए 2.37 लाख करोड़ से ज्यादा है.

ग्लोबल संकट पर भारी पड़ी भारत की डिमांड! अप्रैल में GST और कार सेल्स ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
ग्लोबल संकट पर भारी पड़ी भारत की डिमांड! अप्रैल में GST और कार सेल्स ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

उद्योग के अनुमानों के अनुसार, कार कंपनियों ने अप्रैल में घरेलू बाज़ार में 445,417 कारें, सेडान और यूटिलिटी वाहन बेचे. यह पिछले साल इसी महीने में बेची गई 356,113 यूनिट्स की तुलना में 25 फीसदी की बढ़ोतरी है. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए डिजिटल ट्रांजेक्शन में पिछले साल की तुलना में इस महीने 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इन ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए देखने को मिली, जो 21 फीसदी ज़्यादा है.

भारत पर नहीं पड़ा वॉर का असर

EY India के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि GST कलेक्शन में आई यह जबरदस्त तेजी भारत की खपत-आधारित इकोनॉमी की बुनियादी मजबूती को दिखाती है. अप्रैल में बिजली की खपत 153.99 अरब यूनिट रही, जो पिछले साल की तुलना में 4.04 फीसदी ज्यादा है. अप्रैल में रेलवे माल ढुलाई लगभग स्थिर रही और 132 मिलियन टन (mt) पर बनी रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 133 mt थी.

यह मजबूत बढ़ोतरी दिखाती है कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अभी तक इकोनॉमी पर पूरी तरह से नहीं पड़ा है. इकोनॉमी पहले से ही कमर्शियल कुकिंग गैस की ऊंची कीमतों, इनपुट सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों और ग्लोबल मार्केट में कमजोर मांग जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है.

मारुति सुज़ुकी में मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने कहा कि हमें अभी भी कई पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं, – जैसे GST दरों में कटौती, रेपो रेट में कमी और इनकम टैक्स की सीमा में बढ़ोतरी. अब तक हमें घरेलू मांग पर पश्चिम एशिया संकट का कोई असर देखने को नहीं मिला है.

बीते एक साल में किस तरह का रहा जीएसटी कलेक्शन

महीना जीएसटी कलेक्शन (लाख करोड़ रुपए में)
अप्रैल 2025 2.3
मई 2025 2
जून 2025 1.8
जुलाई 2025 1.9
अगस्त 2025 1.8
सितंबर 2025 1.8
अक्टूबर 2025 1.9
नवंबर 2025 1.7
दिसंबर 2025 1.7
जनवरी 2026 1.9
फरवरी 2026 1.8
मार्च 2026 2
अप्रैल 2026 2.4

रिकॉर्ड GST कलेक्शन

नेट GST कलेक्शन 7.3 फीसदी बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए हो गया. विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में GST कलेक्शन का स्तर थोड़ा नीचे आ सकता है. अग्रवाल ने कहा कि हमें आने वाले महीनों में स्थिति के स्थिर होने की उम्मीद करनी चाहिए. जैसे-जैसे बाजार खुद को फिर से एडजस्ट करेगा, GST कलेक्शन में कुल राशि और प्रतिशत, दोनों ही मामलों में क्रमिक रूप से (महीने-दर-महीने) थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है.

इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण आयात से जुड़े GST शुल्कों में हुई 26 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि थी, जो बढ़कर 57,580 करोड़ रुपए हो गई. स्थिर घरेलू खपत से होने वाली कमाई में 4.3 फीसदी की मध्यम दर से बढ़ोतरी हुई.

प्राइस वाटरहाउस एंड कंपनी LLP के पार्टनर प्रतीक जैन ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि खास बात यह है कि इंपोर्ट से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी घरेलू ट्रांजेक्शन से ज्यादा तेज गति से हो रही है. यह खपत में कुछ नरमी का संकेत हो सकता है, जो शायद मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच गैर-जरूरी खर्च में कमी को दिखाता है.

डॉमेस्टिक कार सेल्स

कंपनी का नाम अप्रैल में कितनी हुई सेल सालाना आधार पर इजाफा (फीसदी में)
मारुति सुजुकी 1,87,704 35.3
टाटा मोटर्स 45,199 30.5
एमएंडएम 56,331 8
हुंडई इंडिया 51,902 17
टीकेएम 30,159 21
किआ 27,286 16
रिनॉल्ट 5,413 108
निसान 3,203 75.5

कारों की बिक्री

मार्केट लीडर मारुति सुज़ुकी ने अप्रैल में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा मासिक सेल्स दर्ज की. कंपनी ने पिछले महीने 187,704 पैसेंजर गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 35 फीसदी ज़्यादा है.

टाटा मोटर्स ने 30.5 फीसदी की बिक्री बढ़ोतरी के साथ 59,000 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 7.6 फीसदी बढ़कर 56,331 यूनिट्स हो गई. इस क्रम में हुंडई चौथे स्थान पर रही. हुंडई मोटर इंडिया (HMIL) के MD और CEO तरुण गर्ग ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि हमने नए वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूती से की है, और पिछले कुछ महीनों में बनी गति को अप्रैल 2026 तक आगे बढ़ाया है.

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