ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक की एक ब्रांच में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. कई ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि उनके सेविंग अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से बिना जानकारी और अनुमति के लाखोंकरोड़ों रुपये निकाल लिए गए. इस मामले में बैंक ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों के दावे सही पाए जाएंगे, उन्हें उनका पूरा पैसा लौटाया जाएगा. बैंक के मुताबिक, अब तक 43 लाख रुपये के तीन क्लेम का निपटारा किया जा चुका है. बाकी शिकायतों की भी प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है.

बैंक ने क्या कहा?
पीएनबी ने अपने बयान में कहा कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है, ताकि पैसों की गड़बड़ी का सही पता लगाया जा सके. बैंक ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है और प्रभावित ग्राहकों की समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है.
बैंक ने साफ किया कि धोखाधड़ी, वित्तीय गड़बड़ी और गलत कामों को लेकर उसकी नीति जीरो टॉलरेंस की है. यानी ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही बैंक ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है.
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कैसे सामने आया धोखाधड़ी का मामला?
ग्रेटर नोएडा की इस बैंक शाखा में कुछ ग्राहकों ने अपने खातों और एफडी से पैसे गायब होने की शिकायत की है. इस मामले में अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 के तहत FIR दर्ज की गई है. यह धारा आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी है. शिकायत के मुताबिक, 21 लोगों को कुल 11.24 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. इनमें से दो ग्राहकों ने एकएक करोड़ रुपये से अधिक की रकम गायब होने का दावा किया है. हालांकि, स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि इस कथित घोटाले का कुल आकार करीब 35 करोड़ रुपये हो सकता है. उनका आरोप है कि सेविंग अकाउंट, एफडी और म्यूचुअल फंड में जमा पैसा भी प्रभावित हुआ है.
बैंक कर्मचारियों पर भी कार्रवाई
गौतम बुद्ध नगर के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर राम विनोद कुमार ने बताया कि ग्राहकों की शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच चल रही है. पुलिस के मुताबिक, बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों को उनकी शिकायतों का समाधान करने का भरोसा दिया है. इस मामले में ब्रांच मैनेजर समेत कई कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस की जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है.