भारत के लगभग हर घर में LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। खाना बनाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक यह हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सिलेंडर के ऊपर लिखे नंबर और अक्षरों पर ध्यान दिया है? अक्सर सिलेंडर के हैंडल के पास D-27, B-25 या C-26 जैसे नंबर लिखे होते हैं। ज्यादातर लोग इन्हें सिर्फ सामान्य कोड समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में ये नंबर आपकी सुरक्षा से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण संकेत होते हैं। यही वजह है कि गैस एजेंसियां भी ग्राहकों को इन नंबरों की जानकारी रखने की सलाह देती हैं।

क्या होता है सिलेंडर पर लिखे नंबर का मतलब?
गैस सिलेंडर पर लिखे A, B, C और D अक्षर साल के 4 अलग-अलग क्वार्टर यानी तीन-तीन महीने की अवधि को दर्शाते हैं।
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- A = जनवरी से मार्च
- B = अप्रैल से जून
- C = जुलाई से सितंबर
- D = अक्टूबर से दिसंबर
इसके बाद लिखा नंबर उस साल को दिखाता है, जब तक सिलेंडर इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर सिलेंडर पर D-27 लिखा है, तो इसका मतलब है कि वह सिलेंडर दिसंबर 2027 तक सुरक्षित माना जाएगा।
क्यों जरूरी है यह जानकारी?
LPG सिलेंडर में अत्यधिक दबाव वाली गैस भरी होती है। इसलिए समय-समय पर उसकी जांच और टेस्टिंग जरूरी होती है। गैस कंपनियां सिलेंडर की एक तय एक्सपायरी डेट रखती हैं ताकि किसी दुर्घटना का खतरा कम किया जा सके। अगर सिलेंडर की टेस्टिंग अवधि खत्म हो जाती है और फिर भी उसका इस्तेमाल जारी रहता है, तो गैस लीकेज या विस्फोट जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
कैसे रखें अपनी सुरक्षा का ध्यान?
विशेषज्ञों के मुताबिक जब भी घर में नया गैस सिलेंडर आए, तो सबसे पहले उसकी सील और एक्सपायरी कोड जरूर जांचना चाहिए। अगर सिलेंडर की तारीख एक्सपायर हो चुकी हो, तो तुरंत गैस एजेंसी से शिकायत करें और सिलेंडर बदलने की मांग करें।
95% लोग नहीं जानते यह जरूरी बात
कई सर्वे में सामने आया है कि ज्यादातर लोग सिलेंडर पर लिखे इन नंबरों का मतलब नहीं जानते। लोग सिर्फ गैस भरवाने पर ध्यान देते हैं, जबकि सिलेंडर की सुरक्षा जांच को नजरअंदाज कर देते हैं।





