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गिरते रुपए और कच्चे तेल की आग में झुलसा शेयर बाजार, 165 मिनट में 3.27 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार निवेशकों की उम्मीदों के विपरीत मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिली. दोपहर 12 बजे तक सेंसक्स में 750 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई. जिसकी वजह से शेयर बाजार खुलने के 165 मिनट के भीतर निवेशकों को 3.27 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया.

गिरते रुपए और कच्चे तेल की आग में झुलसा शेयर बाजार, 165 मिनट में 3.27 लाख करोड़ साफ
गिरते रुपए और कच्चे तेल की आग में झुलसा शेयर बाजार, 165 मिनट में 3.27 लाख करोड़ साफ

जानकारों की मानें तो कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और रुपए में आई बड़ी गिरावट की वजह से शेयर बाजार पर काफी दबाव देखने को मिल रहा है. जानकारों की मानें तो जियो पॉलिटिकल टेंशन और विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी शेयर बाजार के लिए मुसीबत बनी हुई है. ऐसे में लगातार बाजार में प्रेशर देखने को मिल रहा है.

इसके विपरीत देश के 5 राज्यों के चुनावी नतीजों में से 3 राज्यों में बीजेपी और उसके गठबंधन की सरकार बनती हुई दिखाई दे रही है. असम और पुड्डूचेरी के साथ पहली बार बंगाल में प्रचंड जीत हासिल हुई है. जिसकी वजह से उम्मीद की जा रही थी कि मंगलवार को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी. लेकिन ऐसा नहीं हो सका. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

Khabar Monkey

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 754.37 अंकों की गिरावट देखने को मिली और 77 हजार अंकों के लेवल से नीचे आते 76,515.03 अंकों के साथ दिन के लोअर लेवल पर पहुंच गया. जबकि दोपहर 12 बजका 40 मिनट पर सेंसेक्स करीब 500 अंकों की गिरावट के साथ 76,772.89 अंकों पर कारोबार कर रहा है. वैसे सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 77,103.72 अंकों पर ओपन हुआ था. वैसे एक दिन पहले सेंसेक्स 350 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ था.

वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिल रही है. कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी में करीब 240 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी और 23,882.05 अंकों के साथ दिन के लोअर लेवल पर आ गया था. वैसे दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर निफ्टी 161 अंकों की गिरावट के साथ 23,958.55 अंकों पर कारोबार कर रहा था. वैसे निफ्टी सुबह 24,052.60 अंकों पर ओपन हुआ था. जबकि एक दिन पहले निफ्रत्रटी में 134 अंकों की तेजी देखने को मिली थी.

किन शेयरों में आई गिरावट

IT और मेटल को छोड़कर, ज्यादातर निफ्टी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट आई. बड़े निफ्टी स्मॉलकैप100 और निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी. फाइनेंशियल सेक्टर में 0.75 फीसदी की गिरावट आई. बेंचमार्क इंडेक्स में वजन के हिसाब से टॉप दो स्टॉक—HDFC Bank और ICICI Bank—में से हर एक में 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. Larsen & Toubro, जिसका मिडिल ईस्ट क्षेत्र में काफी बड़ा कारोबार है, ने दिन में बाद में आने वाले अपने तिमाही नतीजों से पहले 1.3 प्रतिशत का नुकसान उठाया.

बाजार के आम रुझान के विपरीत, दवा बनाने वाली कंपनी Wockhardt के शेयरों में 10.5 प्रतिशत की तेज़ी आई. कंपनी ने मार्च तिमाही में घाटे से निकलकर मुनाफा कमाया था. रियल एस्टेट कंपनी शोभा के शेयरों में 3.6 प्रतिशत की बढ़त हुई. कंपनी ने चौथी तिमाही में अपने मुनाफ़े में दो गुना से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की थी.

बाजार में गिरावट के मुख्य कारण

  1. ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी: ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. क्रूड की ज़्यादा कीमतें भारत के लिए नकारात्मक हैं – जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है – क्योंकि ये महंगाई का दबाव बढ़ाती हैं और आर्थिक विकास तथा कॉर्पोरेट कमाई पर बुरा असर डालती हैं. लाइवलांग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि तेल की बढ़ी हुई कीमतें, जो अभी भी 100 डॉलर के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं, भारत के लिए एक बड़ा जोखिम हैं.
  2. कमजोर ग्लोबल संकेत: एशियाई बाज़ारों में, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स नीचे ट्रेड कर रहा था. सोमवार को अमेरिकी बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए. जिसका असर भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में भी देखने को मिल रहा है.
  3. जियो पॉलिटिकल टेंशन: ईरान द्वारा UAE और मध्य-पूर्व की खाड़ी में, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट भी शामिल है, जहाजों पर हमले तेज करने के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया. जिसके बाद शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब होता चला गया और बाजार में बिकवाली देखी गई. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि बाजार का रुख पश्चिम एशिया, विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट में होने वाले घटनाक्रमों से तय होगा. इस क्षेत्र में फिर से शुरू हुई शत्रुता और ब्रेंट क्रूड का फिर से बढ़कर लगभग 113 USD तक पहुंच जाना बाज़ार के लिए बाधाएं हैं.
  4. अस्थिरता में बढ़ोतरी: अस्थिरता इंडेक्स, जिसे अक्सर ‘डर का पैमाना’ कहा जाता है, 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 18.68 पर पहुंच गया. इंडेक्स में बढ़ोतरी निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाती है और आमतौर पर शेयर की कीमतों में तेज़ी से उतार-चढ़ाव का कारण बनती है.
  5. रुपए में गिरावट: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों के बाद बाजार के कमजोर माहौल के बीच, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे गिरकर 95.43 पर पहुंच गया. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण पूंजी सुरक्षित निवेश की ओर जा रही है, जिससे अमेरिकी डॉलर को फायदा हो रहा है.

निवेशकों के डूबे 3.27 लाख करोड़

शेयर बाजार सुबह से दबाव झेल रहा है. जिसकर असर शेयर बाजार निवेशकों की कमाई पर भी देखने को मिलता है. वास्तव में बीएसई के मार्केट कैप में गिरावट का मतलब निवेशकों की कमाई भी है. आंकड़ों को देखें तो एक दिन पहले यानी सोमवार को बीएसई का मार्केट कैप 4,67,24,941.59 करोड़ रुपए था, जो दोपहर 12 बजे के आसपास कम होकर 4,63,97,448.65 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप में 165 मिनट में 3,27,492.94 करोड़ करोड़ की कमी आ गई.

khabarmonkey@gmail.com

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