गर्मियां शुरू होते ही लोगों को एक डर सबसे ज्यादा सताता है वो है लू लगने का डर। ऐसे में लू से बचने के लिए लोग अलग अलग तरीके अपनाते हैं जिनमें सबसे कॉमन और पुराना तरीका है जेब में प्याज रखने का। ग्रामीण इलाकों में लू से बचने के लिए प्याज का इस्तेमाल किया जाता रहा है। लोगों का ऐसा मानना है कि जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती। लेकिन सवाल यहीं है कि क्या वाकई एक प्याज में इतनी शक्ति है कि वह सूरज की तपिश को मात दे सके? चलिए, इस मिथक के पीछे के विज्ञान और वास्तविकता के बारे में जानते हैं।

क्या कहता है साइंस?
डॉक्टर और मेडिकल साइंस इस दावे को सही नहीं मानते हैं। ‘लू’ तब लगती है जब शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र बुरी तरह विफल हो जाता है। सरल शब्दों में कहें तो, जब आपके शरीर के अंदर की गर्मी इतनी बढ़ जाती है कि पसीना उसे ठंडा नहीं कर पाता, तो आपको लू लग जाती है। ऐसे में शरीर को ठंडा रखने के लिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है।
प्याज और लू का असली संबंध
भले ही जेब में प्याज रखना बेअसर हो, लेकिन प्याज का सेवन करना लू से बचने का एक शानदार तरीका है। दरअसल प्याज में क्वेरसेटिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो शरीर में हिस्टामाइन के प्रभाव को कम करने और गर्मी के कारण होने वाली एलर्जी या सूजन से लड़ने में मदद करता है। कच्चा प्याज खाने से शरीर का आंतरिक तापमान स्थिर रखने में मदद मिलती है। लू से बचने के लिए दही या छाछ के साथ कच्चे प्याज का सलाद खाना भी बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। प्याज में पानी और खनिजों की अच्छी मात्रा होती है, जो गर्मी में पसीने के जरिए निकलने वाले पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है।
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