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क्या आपने भी खरीदा था यह गोल्ड बॉन्ड? अब मिलेगा 4 गुना तक रिटर्न, जानिए पूरी डिटेल​

अगर आपने साल 2019 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 201920 SeriesII में निवेश किया था, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक ने इस सीरीज के निवेशकों को 16 जुलाई 2026 से प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की सुविधा दी है. खास बात यह है कि इस बॉन्ड में किया गया ₹1 लाख का निवेश अब बढ़कर […]

अगर आपने साल 2019 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 201920 SeriesII में निवेश किया था, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक ने इस सीरीज के निवेशकों को 16 जुलाई 2026 से प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की सुविधा दी है. खास बात यह है कि इस बॉन्ड में किया गया ₹1 लाख का निवेश अब बढ़कर करीब ₹4.18 लाख हो चुका है. इसके अलावा निवेशकों को हर साल 2.5% की दर से ब्याज का भी लाभ मिला है.

पांच साल बाद मिलती है समयपूर्व निकासी की सुविधा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अवधि कुल 8 साल होती है, लेकिन निवेशकों को पांचवें साल से ब्याज भुगतान की तारीख पर समयपूर्व निकासी का विकल्प मिल जाता है. SGB 201920 SeriesII को 16 जुलाई 2019 को जारी किया गया था. ऐसे में अब इस सीरीज के निवेशक RBI के तय नियमों के तहत अपना निवेश भुना सकते हैं.

कैसे तय होती है रिडेम्प्शन कीमत?

RBI के नियमों के अनुसार, प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की कीमत पिछले तीन कार्यदिवसों के लिए 999 शुद्धता वाले सोने के औसत बंद भाव के आधार पर तय की जाती है. यह कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी दरों के आधार पर निर्धारित होती है. इसलिए निवेशकों को मिलने वाली अंतिम राशि सोने के बाजार भाव पर निर्भर करेगी.

SGB में निवेश के क्या हैं फायदे?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को भौतिक सोना खरीदने का बेहतर विकल्प माना जाता है. इसमें निवेशकों को सोने की कीमत बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है, साथ ही निवेश राशि पर सालाना 2.5% ब्याज भी मिलता है, जो सीधे बैंक खाते में जमा होता है.

इसके अलावा मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखने पर मिलने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है. यही वजह है कि लंबे समय के निवेशकों के बीच SGB काफी लोकप्रिय रहा है.

अभी निकासी करें या मैच्योरिटी तक इंतजार?

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि समयपूर्व निकासी का फैसला निवेशक की जरूरत और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करता है. अगर तुरंत पैसों की जरूरत नहीं है और निवेशक टैक्स लाभ का पूरा फायदा लेना चाहते हैं, तो मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखना बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं, जिन्हें धन की आवश्यकता है या मुनाफा बुक करना चाहते हैं, वे प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का विकल्प चुन सकते हैं.

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निकासी का फैसला लेने से पहले सोने की मौजूदा कीमत, भविष्य की संभावनाओं और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन जरूर करें, ताकि सही समय पर सही निर्णय लिया जा सके.

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संपादकीय टीम

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