प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद हाईएंड रियल एस्टेट की मांग में कमी नहीं आई है. युवा अब घर को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली, वित्तीय सुरक्षा और लंबे समय में धन सृजन के साधन के रूप में देख रहे हैं. खासकर मिलेनियल्स यानी युवा पीढ़ी के बीच प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग बनी हुई है. इसका मुख्य कारण है.

- सुरक्षा और आशियाना: आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बाद युवा पैतृक घर से अलग अपना घर चाहते हैं. उनके लिए यह बदलती जीवनशैली, स्थायित्व और वित्तीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का नजरिया भी है.
- सीमित खर्चे में सुविधाएं: गेटेड प्लॉट और हाईराइज सोसायटी में सीमित शुल्क पर पार्क, क्लब, जिम, पार्किंग, लिफ्ट, स्विमिंग पूल और चौबीस घंटे सुरक्षा जैसी सुविधाएं तथा अपने जैसी जीवनशैली वाले लोगों की कम्युनिटी भी उन्हें ज्यादा रास आती है.
- लंबी अवधि में रिटर्न: बाजार के उतारचढ़ाव वाले विकल्पों के मुकाबले रियल एस्टेट को युवा लंबे समय में धन सृजन, किराये से आय और आर्थिक स्वतंत्रता का जरिया मान रहे हैं जहां कम्पाउन्डिंग रिटर्न दिख रहा.
- बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर: युवा ऐसे इलाकों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं जहां से मेट्रो, रेल, एयरपोर्ट, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक गलियारों जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स आने वाले है जिससे बेहतर कनेक्टिविटी के साथ भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने की संभावना हो.
क्या कहते हैं रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स
एआईजीआईएन के सीएमडी राकेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से नए रियल एस्टेट हॉटस्पॉट विकसित हो रहे हैं और इन क्षेत्रों के आसपास युवा निवेशक वर्तमान जरूरतों से आगे भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए प्रॉपर्टी खरीद रहे है जहां जीवनशैली और निवेश पर रिटर्न मायने रखता है. प्रीमियम रियल एस्टेट को आज एक एसेट के रूप में देखा जा रहा है जिससे प्रीमियम रेन्टल, पूंजी वृद्धि और आर्थिक सुरक्षा जैसे फायदे दिख रहे है. वहीं रियरको प्राइवेट लिमिटेड की एमडी गीतांजलि खन्ना का मानना है कि लोग अस्थिर बाज़ार के उतारचढ़ाव के पीछे भागने के बजाय मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर हब के आसपास उभरते हुए रियल एस्टेट डेस्टिनेशन पर दांव लगा रहे हैं और प्रीमियम और अल्ट्रालक्ज़री रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं. व्यवस्थित और मंदी रहित निवेश की रणनीति अब शॉर्टटर्म से लॉन्गटर्म में बदल गई है जिसमें बढ़िया रेन्टल इंकम और कंपाउंडिंग दोनों का फ़ायदा दिख रहा है.
करियर की शुरुआत से ही एक डिसिप्लिनड फाइनेंशियल सिक्योरिटी
डिलीजेंट बिल्डर्स के सीईओ अश्वनी नागपाल का कहना है कि आज का युवा, चाहे वे सिंगल हों या शादीशुदा, इसे देर में लिए जाने वाले फ़ैसले के बजाय करियर की शुरुआत से ही एक डिसिप्लिनड फाइनेंशियल सिक्योरिटी के रूप में अपना रहे है. इसे बदलती वित्तीय परिस्थिति, सोचीसमझी वित्तीय योजना और बढ़ती महंगाई से जोड़कर देखा जा सकता है. वैल्यू बढ़ने के साथसाथ यह पैसिव इनकम और आगामी पीढ़ी के लिए संपत्ति का माध्यम भी बन रहा है. रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा का मानना है कि युवा वर्ग आर्थिक सुरक्षा, स्थिरता, बदलती जीवनशैली और सामाजिक सोच के कारण प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. वे अपने मातापिता के घर या अकेले रहने वाली जगहों से आगे बढ़कर, सुरक्षित निवेश करने, लगातार आमदनी का ज़रिया बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संपत्ति बनाने के इरादे के भी घर खरीद रहे हैं. तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर के लोग जल्दी निवेश करने का फ़ैसला कर रहे हैं.