BusinessViral

किस खबर ने उड़ाई इंडिगो की नींद, 195 मिनट में डूब गए 9500 करोड़

जहां एक ओर ज्वेलरी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. वहीं इस गिरावट के शिकंजे से एविएशन और ट्रैवल कंपनियों के स्टॉक्स भी नहीं बच पाएं हैं. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के शेयरों में कारोबारी सत्र के दौरान 5.50 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. साथ ही करीब 195 मिनट में कंपनी की वैल्यूएशन को करीब 9500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. बीएसई के आंकड़ों को देखें तो इंडिगो, स्पाइसजेट, एग्जिगो, यात्रा ऑनलाइन और दूसरी ट्रैवल कंपनियों के शेयर 7 फीसदी तक गिर गए. इस गिरावट के पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं. पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्रा से बचने की अपील की है. वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम में इजाफा देखने को मिला है. जिसकी वजह से ट्रैवल और एविएशन कंपनियों के शेयरों के सेंटीमेंट खराब हो गए हैं.

Khabar Monkey

किस खबर ने उड़ाई इंडिगो की नींद, 195 मिनट में डूब गए 9500 करोड़
किस खबर ने उड़ाई इंडिगो की नींद, 195 मिनट में डूब गए 9500 करोड़

कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट

इंडिगो को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब ए​वएशनि के शेयर कारोबारी सत्र के दौरान 5.42 फीसदी गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर 4,276.80 रुपए पर पहुंच गए.वहीं दूसरी ओर स्पाइसजेट के शेयर भी बीएसई पर पर 4.36 फीसदी गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर 13.38 रुपए पर पहुँच गए.बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म ixigo, Yatra Online, Thomas Cook और Easy Trip Planners के शेयर सोमवार को 7 फीसदी तक तक गिर गए. Thomas Cook को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ, जिसके शेयर दिन के सबसे निचले स्तर 91.94 रुपये पर पहुंच गए.

इंडिगो को 9500 करोड़ का नुकसान

अगर बात वैल्यूएशन की करें तो इस मामले में इंडिगो को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है. कंपनी की वैल्यूएशन में करीब 9500 करोड़ रुपए की​ गिरावट देखने को मिली है. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब कंपनी की वैल्यूएशन 1,74,689.73 करोड़ रुपए थी. जो कि दोपकर 12 बजकर 30 मिनट पर कम होकर 1,65,210.08 करोड़ रुपए पर आ गई. इसका मतलब है कि करीब 195 मिनट पर कंपनी की वैल्यूएशन में 9,479.65 करोड़ रुपए कम हो गए.

पीएम ने की थी अपील

प्रधानमंत्री की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई, फ्यूल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले आर्थिक असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल क्राइसिस के इस दौर में, हमें अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखते हुए एक संकल्प लेना होगा और उसे पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना होगा. उन्होंने कहा कि एक बड़ा संकल्प यह है कि हम पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करें. हमें पेट्रोल और डीजल का अपना इस्तेमाल कम करना होगा.

कोविड-19 महामारी के दौर का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पहले ही रिमोट वर्किंग सिस्टम, ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को सफलतापूर्वक अपना चुका है. उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय हित में इन तरीकों को एक बार फिर बड़े पैमाने पर अपनाया जाना चाहिए, ताकि आने-जाने और बिजनेस से जुड़ी यात्राओं में होने वाले ईंधन की खपत को कम किया जा सके.

कच्चे तेल की कीमत भी बड़ा कारण

ट्रैवल कंपनियों के शेयरों में गिरावट का एक और बड़ा कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद, कीमतें फिर से बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता एक बार फिर नाकाम हो गई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से एविएशन टर्बाइन फ्यूल की लागत सीधे तौर पर बढ़ जाती है.

यह लागत इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनों के कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा होती है. ईंधन पर ज्यादा खर्च होने से मुनाफे पर दबाव पड़ता है, खासकर तब जब टिकट की कीमतें तुरंत नहीं बढ़ाई जा सकतीं. रुपए के कमजोर होने से कॉस्ट और भी बढ़ जाता है, क्योंकि फ्यूल का भुगतान और विमानों की लीज का किराया डॉलर में चुकाना पड़ता है. इसका असर पूरे एविएशन सेक्टर के मुनाफे और कैश फ्लो पर दिखाई देता है.

पैसेंजर्स पर असर

यात्रियों के लिए, तेल की बढ़ती कीमतों का मतलब अक्सर हवाई किराए में बढ़ोतरी होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एयरलाइंस फ्यूल की बढ़ती कॉस्ट का बोझ किराए में बढ़ोतरी और फ्यूल सरचार्ज के जरिए पैसेंजर्स पर डाल देती हैं. ट्रैवल कंपनियों के लिए, तेल की बढ़ती कीमतें ट्रैवल की मांग को धीमा कर सकती हैं, क्योंकि हवाई किराए और छुट्टियों के खर्च में बढ़ोतरी से लोग अपनी मर्जी के खर्चों से बचने लगते हैं. कम फ्लाइट और होटल बुकिंग से लेन-देन की मात्रा और कमीशन पर बुरा असर पड़ सकता है.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply