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कब्ज की वजह से हो सकती है बवासीर; डॉक्टर से जानिए कॉन्स्टिपेशन से राहत पाने का पूरा डाइट चार्ट

कब्ज की वजह से हो सकती है बवासीर; डॉक्टर से जानिए कॉन्स्टिपेशन से राहत पाने का पूरा डाइट चार्ट

खराब लाइफस्टाइल और फाइबर की कमी के कारण आज हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति को कब्ज (Constipation) की शिकायत है। कई लोग इसे एक मामूली समस्या समझकर सालों-साल नजरअंदाज करते रहते हैं और चूर्ण या घरेलू दवाओं के भरोसे बैठे रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही लापरवाही आगे चलकर बवासीर (Piles) जैसी दर्दनाक बीमारी का रूप ले लेती है? जी हां, मेडिकल साइंस के मुताबिक क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन ही पाइल्स की सबसे बड़ी वजह है।  विशेषज्ञों के मुताबिक, मल त्याग के दौरान लगातार जोर लगाने से गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे वे सूजने लगती हैं और पाइल्स की बीमारी पैदा हो सकती है। इस गंभीर समस्या से बचने के लिए और पेट को हमेशा साफ रखने के लिए डॉक्टरों ने एक खास डाइट चार्ट (Diet Chart) का सेवन करने की सलाह दी है।

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कब्ज की वजह से हो सकती है बवासीर; डॉक्टर से जानिए कॉन्स्टिपेशन से राहत पाने का पूरा डाइट चार्ट
कब्ज की वजह से हो सकती है बवासीर; डॉक्टर से जानिए कॉन्स्टिपेशन से राहत पाने का पूरा डाइट चार्ट

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. विमल झांजेर के अनुसार, पाइल्स के शुरुआती लक्षण अक्सर बहुत स्पष्ट नहीं होते। हालांकि समय के साथ मल त्याग के दौरान या उसके बाद ताजा लाल रंग का खून दिखाई देना इसका प्रमुख संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि कब्ज की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो गुदा की नसों पर दबाव लगातार बढ़ता रहता है, जिससे पाइल्स की स्थिति धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है। 

यह समस्या खासतौर पर उन लोगों के लिए अधिक चिंता का विषय है जो दिल के रोगों से पीड़ित हैं और ब्लड थिनर (खून पतला करने वाली) दवाओं का सेवन करते हैं। पाइल्स की वजह कब्ज है जो खराब डाइट का नतीजा है। पर्याप्त पानी पीना, फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करना, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर मल त्याग की आदत अपनाकर कब्ज को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कब्ज के मरीजों के लिए कैसा डाइट चार्ट होना चाहिए।  

कब्ज से राहत पाने के लिए डाइट चार्ट

कैटेगरी क्या खाएं फायदा
फल (Fruits) पपीता, सेब, अमरूद, केला फाइबर से भरपूर, स्टूल सॉफ्ट करता है
हरी सब्जियां पालक, गाजर के पत्ते, मूली के पत्ते, पत्ता गोभी पाचन सुधारता है, कब्ज दूर करता है
अनाज (Grains) ओट्स, ब्राउन राइस, साबुत गेहूं आंतों की मूवमेंट बेहतर करता है
दालें (Pulses) छिलके वाली दालें, साबुत दालें नेचुरल फाइबर देता है
तरल पदार्थ पानी (8–10 गिलास), छाछ, नारियल पानी मल को सॉफ्ट रखता है
प्राकृतिक उपाय त्रिफला चूर्ण, इसबगोल की भूसी कब्ज को नेचुरली कंट्रोल करता है

इन चीजों से बनाएं दूरी

  1. अगर आप Piles, कब्ज या गुदा में जलन जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो कुछ खाद्य पदार्थों और आदतों से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है। तला-भुना और अधिक ऑयली खाना पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है और मल त्याग के दौरान परेशानी हो सकती है। इसी तरह, ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन गुदा के आसपास जलन और असहजता को बढ़ा सकता है।
  2. नॉन-वेज खाद्य पदार्थ जैसे अंडा और मांस में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। यदि इनके साथ पर्याप्त फाइबर और पानी का सेवन न किया जाए, तो कब्ज की समस्या बढ़ सकती है और बवासीर के लक्षण गंभीर हो सकते हैं। वहीं, ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में मल को सख्त बना सकता है, खासकर जब पानी कम पिया जाए।
  3. इसके अलावा, शराब, धूम्रपान, गुटखा और जर्दा जैसी नशे की चीजें भी आंतों की कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। ये शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकती हैं और पाचन तंत्र को प्रभावित कर कब्ज तथा बवासीर की समस्या को और गंभीर बना सकती हैं। इसलिए बेहतर पाचन और आंतों की सेहत के लिए इन चीजों के सेवन से बचना या इन्हें सीमित करना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी, स्वास्थ्य समस्या या आहार संबंधी बदलाव के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। बवासीर, कब्ज या अन्य पाचन संबंधी समस्याओं की स्थिति में स्वयं उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श करना बेहतर होता है।

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