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ऐसा क्या हुआ कि सातवीं मंजिल से कूदा टैक्स इंस्पेक्टर, फट गया शरीर-मची खलबली

आगरा। संजय प्लेस स्थित आयकर भवन की सातवीं मंजिल से कूदकर गुरुवार शाम आयकर निरीक्षक सुरेश चंद मौर्य ने आत्महत्या कर ली। वह गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे घर से कार्यालय में जरूरी काम की कहकर निकले थे।

ऐसा क्या हुआ कि सातवीं मंजिल से कूदा टैक्स इंस्पेक्टर, फट गया शरीर-मची खलबली
ऐसा क्या हुआ कि सातवीं मंजिल से कूदा टैक्स इंस्पेक्टर, फट गया शरीर-मची खलबली

उनकी चप्पलें सातवीं मंजिल पर ही मिलीं। घटना के समय कार्यालय खाली हो चुका था। आयकर निरीक्षक लंबे समय से डिप्रेशन में थे। मनोचिकित्सक से उनका उपचार चल रहा था। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

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घटना गुरुवार शाम सवा छह बजे की है। सिकंदरा के पश्चिमपुरी स्थित ब्रजद्वारिका कालोनी निवासी 48 वर्ष के सुरेश चंद मौर्य टैक्स रिकवरी निरीक्षक थे। वह एक्टिवा से आयकर भवन पहुंचे। उस समय भूतल पर चौकीदार लोकेंद्र की ड्यूटी थी।

सुरेशचंद मौर्य को पहचानने के चलते उन्हें जाने दिया। कुछ देर बाद चौकीदार को तेज आवाज सुनाई दी, वह शौचालय गया था। आवाज सुनकर भागकर आया तो देखा कि फर्श पर सुरेशचंद का शव पडा था। उनके नाम से खून निकल रहा था।

चौकीदार के शोर मचाने पर अन्य लोग वहां जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की। चौकीदार ने पुलिस को बताया कि सात मंजिला आयकर भवन की छत पर ताला बंद रहता है।

पुलिस सातवीं मंजिल पर पहुंची तो रेलिंग के पास सुरेश चंद की चप्पल पड़ी मिलीं। जिससे आशंका जताई जा रही है कि सुरेशचंद ने सातवीं मंजिल की रेलिंग से चढ़कर नीचे छलांग लगाई थी।

हादसे की जानकारी होने पर पत्नी अलका मौर्य बेटा सुमित समेत अन्य स्वजन भी आ गए। पति का शव देख पत्नी रोने लगीं, बेटा ्आक्रोशित था। जिसे पुलिस ने समझाकर शांत किया।

हादसे की जानकारी होने पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पहुंच गए। पुलिस ने उनसे बात की। विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि मूलरूप से लखनऊ निवासी सुरेश चंद मौर्य पश्चिमपुरी कालोनी में 25 वर्ष से रह रहे थे। करीब इतने ही समय से आयकर विभाग में थे।

वह स्टेनो से पदोन्नत होकर टैक्स रिकवरी निरीक्षक बने थे। वह लंबे समय से अवसाद में थे। जिसके पीछे पारिवारिक विवाद बताया। उनका मनोचिकित्सक यूसी गर्ग से उपचार चल रहा था।

पुलिस ने स्वजन से बात की तो उन्होंने बताया कि सुरेशचंद शाम साढे पांच बजे कार्यालय में जरूरी काम बताकर घर से निकले थे। उनके व्यवहार से कहीं से ऐसा प्रतीत नहीं हुआ कि इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।

एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने बताया कि सुरेशचंद डिप्रेशन में चल रहे थे। आत्महत्या का कारण जानने के स्वजन से बात की जाएगी।

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