तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान की संसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वालों को ₹500 करोड़ से ज्यादा इनाम देने वाला बिल ला सकती है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी संसद का राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग इस बिल की तैयारी कर रहा है। आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि ‘इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई’ नाम से बिल तैयार किया जा रहा है।
ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने कहा कि संसद जल्द इस बिल पर वोटिंग कर सकती है, जो ट्रम्प और नेतन्याहू को जहन्नुम पहुंचाने वालों को इनाम देगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।
इस बीच ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे गल्फ देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान पर हमला टालने की जानकारी दी।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1. ट्रम्प की ईरान को धमकी- जल्दी समझौता करो, वरना कुछ नहीं बचेगा: ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी तेजी से चल रही है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे होंगे।
2. अमेरिका-इजराइल की ईरान पर नए हमले की तैयारी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी स्थित अमेरिकी ठिकानों से हथियार लेकर दर्जनों कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। वहीं नेतन्याहू और ट्रम्प ने संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत की।
3. होर्मुज में बढ़ा संकट, 1500 कारोबारी जहाज फंसे: ईरान तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बताया है।
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4. सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, कुवैत-कतर ने की निंदा: सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए 3 ड्रोन मार गिराए। कुवैत और कतर ने इसे सऊदी संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हमला बताया।
5. ईरान में लड़कियों को AK-47 ट्रेनिंग: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान में युवा लड़कियों को AK-47 असॉल्ट राइफल असेंबल और डिसअसेंबल करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
ईरान में IRGC के पूर्व मेंबर की मौत, बम को डिएक्टिवेट कर रहे थे
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के एक रिटायर्ड मेंबर की तेहरान में मौत हो गई। ईरान से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक वह हालिया युद्ध के दौरान बचे बिना फटे गोला-बारूद को निष्क्रिय करने के अभियान में शामिल थे। इस दौरान विस्फोट हो गया, जिसमें उनकी जान चली गई।
ईरान में हालिया संघर्ष के बाद कई इलाकों में अब भी बिना फटे बम, मिसाइल या सैन्य सामग्री मिलने की खबरें आ रही हैं। ऐसे ऑपरेशन बेहद खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि थोड़ी सी गलती भी जानलेवा विस्फोट का कारण बन सकती है।
ईरान बोला- हमला हुआ तो अरब देशों को नहीं छोड़ेंगे
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष महमूद नबावियन ने चेतावनी दी कि अगर ईरान या उसके नेताओं पर फिर हमला हुआ तो जवाब सिर्फ अमेरिका और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि उन अरब देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है जो अमेरिका और इजराइल के साथ खड़े हैं।
ईरान पर हमला टलने से सोना सस्ता हुआ
ट्रम्प के ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला टालने के बाद मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड 0.5% गिरकर 4,544.17 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि जून डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% टूटकर 4,547.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए।
ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने वाला था, लेकिन कतर, सऊदी अरब और UAE के अनुरोध पर उसे फिलहाल टाल दिया गया। इसके बाद पश्चिम एशिया को लेकर बाजार में तनाव थोड़ा कम हुआ, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग घटी।
हालांकि बाजार अब भी सतर्क है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
जर्मन चांसलर पर भड़का ईरान; बोला- अमेरिका-इजराइल के हमलों पर चुप क्यों थे?
ईरान ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के परमाणु ठिकानों पर हमलों को सही ठहराने वाले देश अब अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय सुरक्षा की बात कर रहे हैं।
बघाई ने X पर कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के सुरक्षित परमाणु ठिकानों पर खुले हमले किए, लेकिन पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा नहीं की। उन्होंने कहा कि अब एक कथित फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के बाद वही देश अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दे रहे हैं, जबकि UAE ने भी आधिकारिक तौर पर ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
बघाई ने कहा कि अगर परमाणु ठिकानों पर हमला खतरा है, तो यह नियम सभी देशों पर बराबर लागू होना चाहिए, सिर्फ पश्चिमी हितों के हिसाब से नहीं। ईरानी प्रवक्ता ने जर्मन नाटक द ब्रोकन जग का जिक्र करते हुए कहा कि यह रवैया जज एडम जैसा है, जो खुद गलतियां करता है लेकिन दूसरों को न्याय सिखाता है।





