छोटी-छोटी बातों पर चिल्लाना: आपका पार्टनर अगर हर छोटी बात पर बहुत ज्यादा गुस्सा करता है. इस वजह से आपको अक्सर बात बहुत ही सोच-समझकर करनी पड़ती है कि आपका पार्टनर कहीं गुस्सा न हो जाए या बिन वजह चिल्लाने न लगे तो ये टॉक्सिक रिलेशनशिप है. इस तरह का बिहेव इग्नोर नहीं करना चाहिए. All Image: Getty Images

हर बात आपके ऊपर थोपना: आपके पार्टनर में अगर ये आदत है कि वो हर बात का ब्लेम आपके ऊपर थोप देते हैं यानी हर चीज के लिए आपको ही जिम्मेदार ठहराता है और अपनी गलतियों की जिम्मेदारी नहीं लेता है तो ये बहुत ही स्ट्रेस देने वाला रवैया है. ऐसा रिश्ता इमोशनल टॉक्सिक होता है.
मुद्दों पर खुलकर बात न करना : आपके पार्टनर जरूरी मुद्दों जैसे फ्यूचर प्लानिंग, अपने ऑफिस की दिनचर्या, जैसी छोटी चीजों पर भी अगर आपसे कभी भी खुलकर बात नहीं करता है या फिर घर की जरूरी चीजों या रिश्ते में बढ़ रही दूरी को लेकर जब भी बात करते हैं तो इसे इग्नोर करने, टालने की कोशिश करता है तो ये आपके लिए बेहद स्ट्रेसफुल रिलेशनशिप है.
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कंट्रोल करने की कोशिश करना: हर किसी का अपना पर्सनल स्पेस होता है, जैसे कुछ दोस्त, कपड़े पहनने का तरीका, क्या करना है, क्या नहीं करना है या फिर किससे मिलना है. इन सारी चीजों को लेकर आपके पार्टनर का बिहेवियर कंट्रोलिंग है तो ये इमोशनल टॉक्सिक रिश्ता है, जिसमें घुटन सी महसूस होने लगती है.
दोस्तों के सामने नीचा दिखाना: रिश्ते में सबसे जरूरी होता है सम्मान. आपका पार्टनर अगर गुस्से में शब्दों का चयन सही से नहीं करता है और यहां तक कि फैमिली और दोस्तों के सामने भी नीचा दिखाने में पीछे नहीं हटता है तो इस तरह का बिहेव बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करना चाहिए.












