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इकोनॉमी के मोर्चे पर खुशखबरी! 7 महीने के हाई पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर​

जीएसटी कलेक्शन के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर अच्छी खबर आई है. देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ सितंबर में सात महीने के हाई पर पहुंच गई. नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी इसकी मुख्य वजह रही. भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सितंबर में फिर तेजी आई, जिसे घरेलू एवं निर्यात मांग में मजबूती […]

जीएसटी कलेक्शन के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर अच्छी खबर आई है. देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ सितंबर में सात महीने के हाई पर पहुंच गई. नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी इसकी मुख्य वजह रही. भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सितंबर में फिर तेजी आई, जिसे घरेलू एवं निर्यात मांग में मजबूती से बढ़ावा मिला. इसके अलावा, कारोबारी धारणा चार महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गई. मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परेचेजिंग मैनेजर इंडेक्स सितंबर में दो से अधिक अंक बढ़कर 55.1 हो गया, जो अगस्त में 52.8 था. यह सात महीने में क्षेत्र की स्थिति में सबसे मजबूत सुधार का संकेत है. पीएमआई में 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट को दर्शाता है.

7 महीने के हाई पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

एचएसबीसी की हेड भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा कि भारतीय कारखाना क्षेत्र ने तिमाही का अंत मजबूत स्थिति के साथ किया. पीएमआई सितंबर में बढ़कर 55.1 हो गया, जो अगस्त में 52.8 था. घरेलू और विदेशी मांग में मजबूती से बिक्री एवं उत्पादन को बढ़ावा मिला. मई के बाद रोजगार में सबसे तेज गति से फिर वृद्धि हुई और विनिर्माताओं का आने वाले महीनों को लेकर भरोसा भी बढ़ा. कीमतों के मोर्चे पर कच्चे माल की लागत और बिक्री कीमतों में वृद्धि की गति तेज हुई, लेकिन महंगाई की दर ऐतिहासिक मानकों के हिसाब से अब भी हल्की रही. कंपनियों ने उत्पादन प्रक्रिया में इस्तेमाल करने और भंडार बढ़ाने के लिए अधिक सामग्री खरीदी. कुल खरीद में अगस्त के मुकाबले तेज गति से वृद्धि हुई.

इस मोर्चे पर बनाया रिकॉर्ड

भंडारी ने कहा कि कंपनियों ने अनुमानित बिक्री की तैयारी के लिए अधिक सामग्री खरीदी और भंडार बढ़ाया. तैयार माल के भंडार में करीब 12 साल में दूसरी सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जो कम भंडार रखने की प्रवृत्ति से स्पष्ट बदलाव का संकेत है. इलेक्ट्रॉनिक, खाद्य, दवा और कपड़ा क्षेत्रों में मजबूत मांग से कुल बिक्री वृद्धि फरवरी के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. इसके अलावा, ब्राजील, यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के ग्राहकों से निर्यात ऑर्डर में भी अगस्त के मुकाबले तेज गति से वृद्धि हुई. सर्वे में शामिल प्रतिभागियों के अनुसार, पिछले महीने थोड़ी गिरावट के बाद सितंबर में रोजगार में फिर वृद्धि हुई. रोजगार में वृद्धि की गति मजबूत रही और मई के बाद सबसे तेज रही.

मांग में लगातार मजबूती

भारतीय मैन्युफैक्चरर ने सितंबर में अपने उत्पादन के अनुमान को बढ़ाया और सकारात्मक धारणा का कुल स्तर चार महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गया. इस सकारात्मक रुख की वजह नए ऑर्डर की अच्छी संभावनाएं और मांग के लगातार मजबूत बने रहने की उम्मीद रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि तैयार उत्पादों का भंडार लगातार तीसरे महीने बढ़ा और 11.5 साल में दूसरी सबसे तेज गति से बढ़ा. जुलाई में वृद्धि इससे अधिक थी. एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल करीब 400 विनिर्माताओं के खरीद प्रबंधकों के एक समूह को भेजी गई प्रश्नावली के जवाब के आधार पर तैयार करता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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