Ayodhya News: उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणाएं की हैं. अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया. अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 8 हजार की जगह 12 हजार रुपए मानदेय मिलेगा. वहीं, सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाएगा.

हर साल 5 लाख रुपए का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए हर साल 5 लाख रुपए तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने की भी घोषणा की. इसके अलावा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्मार्टफोन की सुविधा पहले ही दी जा चुकी है. सरकार अब आंगनबाड़ी केंद्रों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस कर स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है.
ये भी पढे़ं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी के लिए मिलने वाली राशि में भी 500 रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी की घोषणा की गई है. सरकार के मुताबिक, इन नई घोषणाओं से प्रदेश सरकार पर करीब 20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा.
2.91 लाख कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को फायदा
सरकार के मुताबिक, प्रदेश में करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं. उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों के योगदान की भी सराहना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुश्किल दौर में इन कर्मचारियों ने घरघर जाकर लोगों की मदद की और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.
पोषण आहार से माफिया का शिकंजा हटाने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब थी. कई केंद्र जर्जर हालत में थे और वहां जरूरी सुविधाओं का अभाव था. उन्होंने आरोप लगाया कि पोषण आहार और रेसिपी की व्यवस्था में माफिया का हस्तक्षेप था, जिसका खामियाजा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ता था. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पोषण आहार की व्यवस्था में बदलाव किया और माफिया का शिकंजा हटाकर स्वयं सहायता समूहों को इसकी जिम्मेदारी दी गई.
70 हजार से ज्यादा केंद्रों को व्यवस्थित करने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है. सरकार का लक्ष्य हर आंगनबाड़ी केंद्र के लिए अपने भवन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल बच्चों के पोषण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें बच्चों के शुरुआती विकास और शिक्षा का बेहतर केंद्र बनाया जाएगा.
प्रदर्शन के आधार पर आगे भी बढ़ेगा मानदेय
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और काम के आधार पर भविष्य में मानदेय में और बढ़ोतरी की जा सकती है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर भारत की नींव है. अयोध्या से योजना की शुरुआत को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि से इस अभियान को शुरू करना उनके लिए गौरव की बात है.